प्रदेश के 18 जिलों में हुई लिंगानुपात में बढ़ोतरी: अनिल विज

चंडीगढ़

स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बेटी बचाओं के नारे को चरितार्थ करने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाए गए जागरूकता एवं सघन जांच अभियान से राज्य के 18 जिलों के लिंगानुपात में भारी बढ़ोतरी हुई है.

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि विभाग द्वारा उठाए गए कदमों के फलस्वरूप गत वर्ष की तुलना में प्रदेश के 12 जिलों का लिंगानुपात बढ़कर 900 से अधिक हुआ है तथा 6 जिलों का अनुपात 875 और 900 के मध्य रहा है.

उन्होंने बताया कि सिरसा का लिंगानुपात सबसे अधिक बढ़कर 926, पंचकूला का 924, फतेहाबाद व पलवल का 917, करनाल का 915, हिसार का 914, पानीपत का 913, अम्बाला 910, मेवात 909, सोनीपत 903, रोहतक 901 तथा जीन्द का लिंगानुपात 900 हुआ है.

इसके अलावा यमुनानगर व भिवानी का 894, कैथल का 893,  फरीदाबाद व गुरूग्राम 891, झज्जर का 879 है। इनके अतिरिक्त रेवाड़ी का 870, कुरूक्षेत्र का 852, महेंद्रगढ़ का प्रदेश में सबसे कम 841 तथा हरियाणा राज्य का लिंगानुपात 899 है.

उन्होंने बताया कि इस दौरान प्रदेश के विभिन्न जिलों में 1733 जिला सलाहकार समिति तथा 254 जिला टॉस्क फोर्स की बैठकें आयोजित की गई है. इसके अलावा लिंग जांच बारे में सूचना देने वाले 40 लोगों को पुरस्कृत किया गया है.

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि इसके लिए प्रदेश में गैर कानूनी तौर पर लिंग जांच में शामिल चिकित्सकों तथा केंद्रों का पता लगाने के लिए छापेमारी की गई है. इस दौरान विभाग ने 24947 चिकित्सकों एवं निजी स्वास्थ्य केंद्रों का निरीक्षण किया, तथा 613 केन्द्रों के पंजीकरण को निलम्बित व रद्द किया गया जबकि 448 केंद्रों को सील व 185 के खिलाफ मामले दर्ज किए गए हैं.

अनिल विज ने बताया कि इसके अलावा 68 चिकित्सकों को सजा दी गई है तथा 18 चिकित्सकों को दोषी ठहराया गया है. इसके बाद राज्य मेडिकल कांऊसिल ने 6 लाइसैंस रद्द कर दिए. अदालतों द्वारा दोषी ठहराए जाने पर 14 लाइसैंस निलंबित किए गए हैं तथा 185 मामले अदालत में विचारधीन है.

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