RBI का यू टर्न, एक से अधिक बार जमा होंगे 5000 से ज्यादा के पुराने नोट

दिल्ली

नोटबंदी के बाद रिजर्व बैंक नए नियम बनाने के साथ ही लागू नियमों को वापस लेने या उनमें संशोधन करने का भी रिकार्ड बना रहा है. इस दिशा में पांच हजार रुपये से ज्यादा नगदी जमा करने पर ग्राहकों से पूछताछ करने और 30 दिसंबर, 2016 तक 5,000 रुपये से ज्यादा सिर्फ एक बार पुराने नोट जमा करने संबंधी दिशानिर्देश को लागू करने के 48 घंटे के भीतर ही वापस ले लिया गया है.

सोमवार शाम को यह नियम लागू किया गया और बुधवार दोपहर को वापस ले लिया गया. आम जनता अब 30 दिसंबर तक अपने खाते में मर्जी के मुताबिक पुराने नोट जमा करा सकती है. यह नियम उन बैंक खातों के लिए लागू नहीं होंगे जिनका केवाईसी सत्यापन नहीं किया गया है. वहां 50 हजार रुपये की सीमा लागू रहेगी. वैसे तो यह नियम सिर्फ डेढ़ दिनों तक लागू रहा लेकिन इससे सरकार की न सिर्फ किरकिरी हुई बल्कि बैंकों पर काम काज का बोझ भी जबरदस्त तौर से बढ़ा.

सबसे ज्यादा दिक्कत आम जनता को झेलनी पड़ी. इस नियम के लागू होने पर कांग्रेस ने तो सिर्फ सरकार को कटघरे में खड़ा किया, नोटबंदी पर सरकार का अभी तक समर्थन कर रहे आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू भी आलोचना करने से नहीं चूके. माना जा रहा है कि इस नियम को वापस कराने में वित्त मंत्रालय की अहम भूमिका रही है. वित्त मंत्री अरुण जेटली ने नियम लागू होने के दिन ही अपनी प्रतिक्रिया जताते हुए कहा था कि जनता से कोई पूछताछ नहीं होगी.

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