जैश-ए-मोहम्मद प्रमुख मसूद अजहर ने नगरोटा हमले की जिम्मेदारी ली

दिल्ली

पठानकोट हमले के मास्टरमाइंड और जैश-ए-मोहम्मद सरगना मौलाना मसूद अजहर ने नगरोटा हमले की जिम्मेदारी ली है. उसने कहा है कि नगरोटा हमला भारतीय संसद पर हमले के दोषी अफजल गुरु की फांसी का बदला था. 29 नवंबर को जम्मू-कश्मीर के नगरोटा में एक सैन्य कैंप पर हुए आतंकी हमले में भारतीय सेना के 7 जवान शहीद हो गए थे.

जेआईएम की ऑनलाइन पत्रिका में मसूद ने लिखा, ‘इस हफ्ते का अंक देरी से आया क्योंकि इसे लिखते समय नगरोटा में हमला चल रहा था और कश्मीर में मौजूद आतंकियों से संपर्क टूट गया था.’ उसने नगरोटा हमले का ब्लूप्रिंट तैयार करने की बात कबूली. मसूद ने लिखा, ‘नगरोटा हमले को पांच आतंकियों से लैस अफजल गुरु टुकड़ी ने अंजाम दिया था, जिनमें से दो भाग निकलने में कामयाब रहे. आतंकियों के लिए नगरोटा कैंप में प्रवेश करना और सुरक्षाबलों को निशाना बनाना आसान नहीं था क्योंकि उसके बाहर तीन सुरक्षा घेरे थे.’

लेख में नोटबंदी को लेकर मसूद की बौखलाहट भी साफ दिखी. उसने धमकी भरे लहजे में लिखा, ‘भारत में नोटबंदी से न तो आतंकी कमजोर होंगे और न ही उनकी फंडिंग पर कोई असर पड़ेगा. हमें डॉलर, पाउंड और यूरो के बदले छोटी भारतीय मुद्रा आसानी से मिल जा रही है. नगरोटा हमला इसका सबूत है.’

पाकिस्तानी प्रशासन की ओर से जेईएम सरगना को जनवरी 2014 से ही ‘एहतियातन हिरासत’ में रखने के दावे के बावजूद वह अपनी ऑनलाइन पत्रिका में भारत के खिलाफ खुलेआम जहर उगल रहा है. एनआईए ने सोमवार को पठानकोट हमला मामले में मसूद और उसके भाई मुफ्ती अब्दुल राउफ असगर समेत 6 जेईएम आतंकियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है.

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