बर्लिन ट्रक हमले में 12 लोगों की मौत, करीब 50 घायल, पाकिस्तानी नागरिक गिरफ्तार

बर्लिन

जर्मनी की राजधानी बर्लिन के भीड़भाड़ वाले क्रिसमस बाजार में एक पाकिस्तानी युवक ने ट्रक दौड़ा दिया, जिसमें कम से कम 12 लोगों की मौत हो गई और करीब 50 लोग घायल हो गये. यह हमलावर जर्मनी में शरण मांगने के लिए आया था.

जर्मन चांसलर एंजेला मर्केल ने इस ‘आतंकी’ घटना के लिए सख्त से सख्त सजा का संकल्प किया है. इस व्यक्ति ने पोलैंड नंबर प्लेट वाले ट्रक को कैसर विलहेम मेमोरियल गिरजाघर के सामने के पारंपरिक क्रिसमस बाजार में घुसा दिया. इस ट्रक पर इस्पात के गार्टर लदे हुए थे.

यह घटना सोमवार (19 दिसंबर) रात आठ बजे (स्थानीय समयानुसार) की है. मौके पर बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे. वाहन बाजार के भीतर करीब 50 से 80 मीटर तक घुस गया और कई लोग इसकी चपेट में आ गये तथा कई दुकानें भी ढह गईं. घटना में कम से कम 12 लोगों की मौत हो गई और 48 लोग घायल हो गए. घायलों में 18 लोगों की हालत गंभीर है.

इस घटना ने बीते 14 जुलाई को फ्रांस के शहर नीस में हुई इस तरह की एक और वारदात की याद ताजा कर दी. वहां भी एक व्यक्ति ने भीड़ के ऊपर ट्रक चढ़ा दिया था. पुलिस के अनुसार काले रंग का ‘स्कैनिया’ ट्रक पोलैंड की एक परिवहन कंपनी का है और संदेह है कि इसे किसी निर्माण स्थल से चुराया गया था.

पुलिस का कहना है कि वाहन के ड्राइवर के कैबिन में दो लोग मौजूद थे और वाहन रुकने के बाद ड्राइवर नीचे कूद गया और फरार हो गया. ट्रक के भीतर पोलैंड के एक नागरिक का शव बरामद किया गया. जर्मन मीडिया का कहना है कि यह ड्राइवर पाकिस्तानी नागरिक है जिसे बाद में पुलिस ने पकड़ा.

जर्मनी के प्रमुख अखबार ‘बिल्ड’ ने इस पाकिस्तानी नागरिक की पहचान 23 साल के नावेद बी के रूप में की है. अखबार का कहना है कि इसने करीब एक साल पहले खुद को एक शरणार्थी के तौर पर पंजीकृत कराया था. जर्मनी के गृह मंत्री थॉमस दी मैजेरे ने इस बात की पुष्टि की है कि यह संदिग्ध पाकिस्तानी हमलावर है और वह शरण मांगते हुए 31 दिसंबर, 2015 को जर्मनी पहुंचा था. इस पाकिस्तानी युवक ने ‘इस घटना से इंकार किया है.’ मैजेरे ने कहा, ‘हमें कोई संदेह नहीं है कि यह घटना एक हमला है.’

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