जम्मू कश्मीर में जल्द हो सकते हैं पंचायती चुनाव, बिल संशोधन को मिली मंजूरी

जम्मू

जम्मू-कश्मीर पंचायती राज संशोधन बिल को मंजूरी दे दी है. राज्य सरकार के नियमों पर चुनाव करवाने के बिल को मंजूरी मिलने पर संविधान के 73वें संशोधन को लागू करने की उम्मीद खत्म हो गई है. अब राज्य में मार्च 2017 में पंचायती चुनाव मुख्य निर्वाचन अधिकारी की देखरेख में होंगे.

संविधान के 73वें संशोधन के तहत अन्य राज्यों में पंचायत चुनाव अलग से गठित चुनाव आयोग की देखरेख में होते हैं. चुनाव आयोग के साथ पंचायतों को स्वायत्त बनाने के लिए वित्त आयोग भी अलग होता है.

राज्य में हजारों पंच-सरपंच जोरशोर से यह मुद्दा उठा रहे हैं कि पंचायतों को सशक्त बनाने के लिए चुनाव से पहले 73वें संशोधन को लागू किया जाए. अब बिल को मंजूरी मिलने के बाद सरकार के निर्णय के खिलाफ आंदोलन तय है. सोमवार को राज्यपाल ने पंचायती राज संशोधन बिल 2016 पर मुहर लगा दी.

राजभवन के प्रवक्ता ने कहा है कि राज्य में जल्द थ्रीटियर पंचायती राज स्थापित करने के लिए चुनाव होगा. लोग अपने विकास के फैसले खुद ले पाएंगे. प्रवक्ता ने कहा है कि अगर राज्य में पंचायत चुनाव नहीं होते हैं तो इससे 14वें वित्त आयोग से पंचायतों के लिए मिलने वाले 3096 करोड़ का नुकसान होगा.

पहले ही राज्य का करोड़ों का नुकसान हो चुका है. प्रवक्ता ने गत दिनों राज्यपाल से मुख्यमंत्री की बैठकों का हवाला देते हुए कहा कि राज्य सरकार ने तय समय सीमा में मार्च 2017 में चुनाव करवाने का फैसला किया है. इसे ध्यान में रखते हुए राज्यपाल ने चुनाव करवाने के लिए मुख्य निर्वाचन अधिकारी को इसके लिए सशक्त बनाने की मांग स्वीकार कर ली है.

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