2016 में अग्निकांड से कुल्लू को मिले कई जख्म, सैंकड़ों परिवार हुए बेघर

कुल्लू

कुल्लू जिले में वर्ष 2016 में आग से 100 से ज्यादा जख्म मिले हैं. जिला के कुल्लू-मनाली व बंजार उपमंडलों में जनवरी 2016 से अब तक 108 आग की घटनाएं हो चुकी हैं जिनमें सैंकड़ों लोग बेघर हुए हैं और 7.59 करोड़ रुपए की सम्पत्ति जलकर राख हुई है.

इनमें कुल्लू में 54 आग की घटनाएं हुईं जिनमें 4.90 करोड़ रुपए की सम्पत्ति स्वाह हुई. मनाली में 41 आग की घटनाएं हुईं जिसमें 1.71 करोड़ रुपए की सम्पत्ति व बंजार में 13 अग्निकांड हुए जिनमें 97.46 लाख रुपए की सम्पत्ति स्वाह हुई है.

अकेले दिसंबर माह के 20 दिनों में ही 3 अग्निकांड 132 लोगों को बेघर कर चुके हैं. गांवों में बढ़ती घटनाएं आपदा प्रबंधन पर भी सवाल खड़ी कर रही हैं. कुल्लू जिला भौगोलिक दृष्टि से अन्य कई जिलों से बिल्कुल भिन्न है. सरकार द्वारा जिला कुल्लू में मनाली, कुल्लू व लारजी में अग्रिशमन केंद्र व अग्रिशमन चौकी की व्यवस्था की गई है.

क्षेत्र कई किलोमीटर तक फैला है और सड़क की सुविधाएं दुर्गम क्षेत्रों में पर्याप्त नहीं हैं. इस स्थिति में जब आग की घटनाएं होती हैं तो जब तक कि अग्रिशमन कर्मियों का दल घटना स्थल पर पहुंचता है तब तक आग विराट रूप धारण कर चुकी होती है.

लोगों की मानें तो सरकार को अनेक स्थानों पर अग्निशमन चौकियां खोलनी चाहिए जिससे आग की घटना होने पर तुरंत आग पर काबू पाया जा सके. अग्निकांड से प्रभावितों का कहना है कि आग से लाखों रुपए की सम्पत्ति स्वाह हो जाती है लेकिन प्रशासन द्वारा जितनी मदद मिलती है उससे 25 प्रतिशत भी नुक्सान की भरपाई नहीं हो पाती है. सरकार व प्रशासन द्वारा प्रभावित लोगों को इतनी मदद दी जानी चाहिए कि वे पुन: अपने घरों का जल्द से जल्द निर्माण कर पाएं.

Share With:
Rate This Article