हैदराबाद ब्लास्ट केस: यासीन भटकल समेत 5 दोषियों को मौत की सजा

हैदराबाद

आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिदीन के सरगना यासीन भटकल समेत 5 आतंकियों को नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) कोर्ट ने सोमवार को फांसी की सजा सुनाई. मंगलवार को कोर्ट ने सभी को हैदराबाद के दोहरे ब्लास्ट केस में दोषी करार दिया था. 3 साल पहले इन धमाकों में 18 लोग मारे गए थे. ये पहली बार है जब आईएम आतंकियों को किसी ब्लास्ट केस में सजा सुनाई गई है..

एनआईए ने कहा है कि इंडियन मुजाहिदीन के आतंकियों ने देश के खिलाफ युद्ध छेड़ने का साजिश रची पिछले साल शुरू हुई सुनवाई में NIA ने 150 गवाह पेश किए. आतंकियों ने दिलसुखनगर में ब्लास्ट करने से पहले हैदराबाद के बाहरी इलाके में एक पहाड़ी पर ब्लास्ट का टेस्ट किया था. इंटरनेट पर चैटिंग के जरिए साजिश रची गई.

यासीन को सितंबर, 2013 में नेपाल बॉर्डर से गिरफ़्तार किया गया था. एक साल तिहाड़ जेल में रहने के बाद NIA ने उसे हैदराबाद की चेरलापल्ली जेल शिफ़्ट किया था. हैदराबाद के दिलसुखनगर ब्लास्ट केस में आईएम के 5 आतंकियों असदुल्लाह अख्तर उर्फ हड्डी, तहसीन अख्तर उर्फ मोनू, यासीन भटकल, रहमान उर्फ वकास, एजाज शेख और रियाज भटकल पर केस दर्ज किया गया था. रियाज फरार है. माना जाता है कि वो नेपाल या पाकिस्तान में हो सकता है.

एनआईए ने कहा था, आईएम को 22 जून, 2009 में बैन किया गया. उसने 2008 में दिल्ली, अहमदाबाद, जयपुर और सूरत में ब्लाट किए. 2010 में यूपी के वाराणसी, फैजाबाद, और लखनऊ कोर्ट में हुए धमाकों का शक भी इसी गुट पर है. इसके अलावा 2007 में हैदराबाद और 2011 में मुंबई सीरियल ब्लास्ट के पीछे भी इसी संगठन का हाथ बताया जाता है.

21 फरवरी, 2013 को दिलसुखनगर इलाके के कोणार्क और वेंकटादिरी थिएटर के बाहर आईईडी ब्लास्ट हुए. 18 लोग मारे गए. आईएम आतंकियों पर दिल्ली हाईकोर्ट और पुणे की जर्मन बेकरी समेत कई शहरों में ब्लास्ट के भी आरोप हैं. आईएम को पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई फंडिंग करती है. ISIS से भी इसका लिंक रहा है.

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