रॉबर्ट वाड्रा की कंपनी को राजस्थान हाई कोर्ट का आदेश, ED के सामने होना पड़ेगा पेश

दिल्ली

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं, लेकिन अब राहुल गांधी के जीजा रॉबर्ट वाड्रा फिर से एक मुश्किल में पड़ गए हैं. प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने वाड्रा की कंपनी स्काई लाइट हॉस्पिटैलिटी को मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में नोटिस जारी किया है. ईडी ने वाड्रा की कंपनी के संबंधित अधिकारियों को 4 जनवरी और 6 जनवरी 2017 को पूछताछ और अपना बयान कराने को कहा है.

वाड्रा की कंपनी और डीएलएफ के बीच लेन-देन को ईडी पिछले काफी समय से खंगाल रहा था. यह पूरा लेन-देन का मामला राजस्थान के बीकानेर में वाड्रा की कंपनी की खरीदी गई प्रॉपर्टी के मालिकाना हक को ट्रांसफर करने से जुड़ा है.

कंपनी ने ईडी के नोटिस के खिलाफ राजस्थान हाई कोर्ट में अपील की थी. इसपर शुक्रवार को सुनवाई करते हुए जस्टिस पीके लोहरा ने कहा कि ईडी ने कंपनी को पूछताछ के लिए नोटिस जारी किया है, इसका सम्मान किया जाना चाहिए. कंपनी को दूसरे कोर्ट में अपील करने के बजाय ईडी के साथ सहयोग करना चाहिए. हालांकि, कोर्ट ने ईडी को निर्देश दिया है कि वह कंपनी के अधिकारियों से उनके काउंसल की मौजूदगी में ही पूछताछ करे.

मामला 275 बीघा जमीन के गलत ढंग से आवंटन का है. बीकानेर की कोलायत तहसील में फर्जी तरीके से 275 बीघा जमीन खरीदी और आवंटित की गई थी. इस जमीन का एक बड़ा हिस्सा वाड्रा की कंपनी स्काई लाइट हॉस्पिटैलिटी ने खरीदा था. इस प्रॉपर्टी को वाड्रा की कंपनी ने 2010 में खरीदा.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बीकानेर के कोलायत में 16 निवासियों के नाम महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में साल 2006-07 में जमीन आवंटित की गई. बाद में गलत तरीके से साल 2010 में वाड्रा की कंपनी को जमीन बेचने का मामला सामने आया था. उस वक्त राजस्थान में कांग्रेस की सरकार थी और अशोक गहलोत प्रदेश के मुख्यमंत्री थे.

साल 2014 में बीजेपी की सरकार राजस्थान में आई और फिर इस जमीन का दाखिल खारिज को रद्द कर दिया गया. पहले राजस्थान पुलिस द्वारा इस मामले में वाड्रा की कंपनी को क्लीनचिट देने बात कही जा रही थी, लेकिन बीजेपी सरकार ने इसका खंडन करते हुए कहा कि मामले की जांच चल रही है. वसुंधरा राजे की अगुवाई में सरकार बनते ही इस मामले के खिलाफ केस दर्ज किया गया था. फिलहाल ईडी की जांच जारी है.

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