CM वीरभद्र सिंह ने साइबर थाने का किया शुभारंभ, अपराधियों पर लगेगी लगाम

शिमला

प्रदेश में साइबर अपराधों पर अब पूरी तरह से लगाम लगेगी. साइबर आतंकवाद, डाटा हैकिंग, सोशल मीडिया पर महिलाओं से छेड़छाड़ या अन्य अभद्र टिप्पणियां करने वालों की अब खैर नहीं होगी.

इन पर पुलिस साइबर एक्ट के मुताबिक कार्रवाई करेगी और ऐसे अपराधियों तक पहुंचना अब आसान होगा. साइबर अपराध से निपटने के लिए प्रदेश में साइबर थाना शुरू हो गया है. शनिवार को मुख्यमंत्री ने सचिवालय से राज्य पुलिस मुख्यालय स्थित राज्य साइबर अपराध पुलिस थाने की ऑनलाइन शुरुआत की.

साइबर अपराध पुलिस थाने का उद्देश्य उच्च तकनीक से सुसज्जित अपराधियों द्वारा सूचना प्रौद्योगिकी (साइबर स्पेस) के दुरुपयोग से संबंधित बढ़ती घटनाओं से निपटना है. यह सुविधा साइबर अपराध के सभी मामलों में संदिग्धों को पकडऩे तथा डिजिटल साक्ष्य जुटाने में आवश्यक तकनीकी सहायता प्रदान करेगी.

इससे सरकारी वेबसाइटों व इसके डाटा की हैकिंग, साइबर आतंकवाद के उन्मूलन व इसका पता लगाने के लिए सभी प्रकार के धोखाधड़ी मामलों, सांप्रदायिक मामलों का पंजीकरण और जांच में सहायता मिलेगी. साइबर अपराध पुलिस थाना राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर के मामलों को सुलझाने और जांच करने के साथ साइबर अपराधों की रोकथाम, पता लगाना व जांच में इन संगठनों की नोडल एजेंसियों से तालमेल स्थापित करेगा.

इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में साइबर अपराध पुलिस थाने की स्थापना की घोषणा उनके बजट भाषण में शामिल थी. इस दौरान मुख्य सचिव वीसी फारका, पुलिस महानिदेशक संजय कुमार व पृथ्वी राज, प्रधान सचिव गृह प्रबोध सक्सेना, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक अतुल वर्मा तथा पुलिस और प्रशासन के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे.

साइबर अपराध से संबंधित शिकायत के लिए पुलिस विभाग ने फोन नंबर व मेल आईडी जारी की है. सीआइडी व साइबर अपराध के पुलिस उप महानिरीक्षक डॉ. विनोद कुमार धवन ने साइबर अपराध पुलिस थाना के कार्य के बारे में जानकारी दी.

संबंधित अधिकारी को साइबर अपराध के मामले दर्ज कराने के लिए कार्यालय दूरभाष नंबर 0177-2627955, मोबाइल नंबर 9418176222 और फैक्स नंबर 0177-2626945 और 0177-2626936 और ई-मेल: पर संपर्क किया जा सकता है. इसके अलावा साइबर सेल कंट्रोल रूम एसपी साइबर क्राइम के ईमेल पर भी संपर्क किया जा सकता है.

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