राजनीतिक पार्टियों को नहीं मिल रही टैक्स में कोई छूटः अरुण जेटली

दिल्ली

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने आज साफ किया कि राजनीतिक पार्टियों को टैक्स से जुड़ा कोई अतिरिक्त फायदा नहीं दिया जा रहा है. 15 दिसंबर 2016 से लागू आयकर कानून संशोधन में राजनीतिक पार्टियों को नोटबंदी के बाद किसी तरह का अलग लाभ नहीं मिलेगा. राजनीतिक दलों की टैक्स जांच को लेकर चल रहे विवाद के बारे में जेटली ने कहा, इस बारे में कानून में कोई बदलाव नहीं किया गया है.

वित्त मंत्री की तरफ से कुछ अखबारों की खबरों का खंडन करते हुए इनकम टैक्स कानून को लेकर स्पष्टीकरण दिया है. वित्त मंत्रालय ने कहा है कि लोगों में भ्रम पैदा हुआ है, क्योंकि इनकम टैक्स की धारा 13ए के तहत राजनीतिक दलों को आयकर छूट मिली हुई है. लेकिन राजनीतिक दलों के खाते में जमा होने वाले पुराने नोटों की जांच नहीं होगी ये खबर गलत है.

दरअसल, अरविंद केजरीवाल ने भी आज आरोप लगाया था कि मोदी सरकार ने ऐलान कर दिया है कि राजनीतिक दल कितनी भी संख्या में 500 और 1000 रुपये के नोट जमा करें, उन पर कोई टैक्स नहीं लगेगा. अरुण जेटली ने साफ किया कि आईटी एक्ट 1961 के सेक्शन 13ए के तहत राजनीतिक पार्टियों के टैक्सेशन से जुड़े नियमों में किसी तरह का बदलाव नहीं हुआ है. तो ये कहना कि राजनीतिक पार्टियों के 500-1000 के नोटों के जमा पर किसी तरह का टैक्स नियम लागू नहीं होता ये पूरी तरह गलत है. उन्होंने कहा कि ‘यह पूरी तरह से मीडिया की देन है.’

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