सरकार का ऐलान: राजनीतिक पार्टियों के 500-1000 के पुराने नोट टैक्स फ्री

दिल्ली

500 और 1000 रुपये के पुराने नोटों को बैंक में जमा कराने पर राजनीतिक दलों पर कोई टैक्‍स नहीं लगेगा. राजनीतिक पार्टियों को आयकर कानून से अलग रखा गया है. वित्त सचिव अशोक लवासा ने शुक्रवार (16 दिसंबर) को यह जानकारी दी.

राजस्‍व सचिव हसमुख अधिया के अनुसार राजनीतिक दलों के बैंक खातों में जमा रकम पर टैक्‍स नहीं लगेगा. उन्‍होंने पत्रकारों से कहा, ‘यदि किसी राजनीतिक दल के खाते में पैसे हैं तो उन्‍हें छूट है, लेकिन यदि किसी निजी व्‍यक्ति के खाते में पैसा है तो फिर उस पर कार्रवाई होगी. यदि कोई निजी व्‍यक्ति अपने खाते में पैसा डालता है तो हमें जानकारी मिल जाएगी.’

गौरतलब है कि आयकर कानून की धारा 13ए 1961 के अनुसार राजनीतिक दलों की उनकी आय को लेकर टैक्‍स से छूट है. किसानों के लिए पैन कार्ड अनिवार्य होने के सवाल पर अधिया ने कहा कि किसान को फॉर्म 60 के जरिए घोषणा करनी होगी कि उसकी कमाई ढाई लाख रुपये से कम है. यदि वह फॉर्म 60 फाइल करता है तो पैन कार्ड नहीं देना होगा. ऐसा नहीं करने पर पैन कार्ड देना होगा.

वहीं, वित्त मंत्रालय ने कहा कि नोटबंदी के बाद बैंक खातों से पैसे निकालने की सीमा की 30 दिसंबर के बाद समीक्षा की जाएगी. पुराने 500 और 1000 के नोटों को खातों में जमा करने का यह आखिरी दिन है. सरकार ने बैंक खातों से निकासी की सीमा 24,000 रुपये प्रति सप्ताह तय की है. एटीएम से प्रतिदिन 2,500 रुपये निकाले जा सकते हैं.

वित्त सचिव अशोक लवासा ने फिक्की के कार्यक्रम में कहा, ’30 दिसंबर के बाद इसकी समीक्षा की जाएगी. स्थिति को सामान्य करने को जिन कदमों की जरूरत होगी, वे उठाए जाएंगे. मेरा मानना है कि समीक्षा पूरी होने के बाद इस पर फैसला किया गया.’ नोटबंदी के वृद्धि पर असर के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने स्वीकार किया कि नकदी में काम करने वाला अनौपचारिक क्षेत्र समस्या का सामना कर रहा है. लवासा ने कहा, ‘आगे चलकर 30 दिसंबर की अवधि बीतने के बाद इसके प्रभाव का शांत तरीके से आकलन किया जाएगा.’

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