शिमला में बाहरी राज्‍यों के वाहनों को एक जनवरी 2017 से देनी होगी ग्रीन फीस

शिमला

एक जनवरी 2017 से शिमला आने वाले अन्य राज्यों के वाहनों पर ग्रीन फीस लगेगी. नगर निगम ने बृहस्पतिवार को विशेष सदन में इसे मंजूरी दी. सदन में नगर निगम एक्ट के बायलॉज में भी संशोधन के प्रस्ताव को पारित किया गया.

ग्रीन फीस की अवधि सिर्फ 7 दिन तक होगी. इसके बाद दोबारा ग्रीन फीस देनी होगी. वहीं, एक महीने तक कोई जुर्माना नहीं वसूला जाएगा. पर्यटकों व लोगों को ग्रीन फीस के प्रति जागरूक किया जाएगा. परवाणू बैरियर पर पंपलेट व होर्डिंग के माध्यम से प्रचार किया जाएगा.

नगर निगम शिमला ने पहली जनवरी से छह पुलिस कर्मियों की तैनाती निगम में करने के संबंध में पत्र पुलिस महानिदेशक संजय कुमार को लिखा है. देश में बढ़ते पेटीएम इस्तेमाल को देखते हुए निगम ने कैशलेस सिस्टम अपना लिया है. ग्रीन फीस का भुगतान कैशलेस करने के लिए पेटीएम का सहयोग निगम लेगा. निगम की वेबसाइट पर पेटीएम का आइकन बना होगा जिसमें डाटा फीड करने पर कुछ ही सेकेंड में भुगतान हो सकेगा.

अगर कोई परवाणू बैरियर व ऑनलाइन एप से ग्रीन फीस जमा नहीं करवा पाता है तो शोघी में एक स्पेशल काउंटर लगाया जाएगा जिसमें कियोस्क मशीन होगी जहां आसानी से भुगतान किया जा सकेगा. एंबुलेस, अग्निश्मन सेवा, सरकारी वाहनों व वीआइपी वाहनों से ग्रीन फीस नहीं ली जाएगी.

नगर निगम हिमाचल की सीमा में प्रवेश करते ही पर्यटको को उनके मोबाइल फोन पर रोमिंग एरिया मैसेज की तर्ज पर ग्रीन फीस जमा करवाने का मैसेज भेजने और एफएम रेडियो के जरिये ग्रीन फीस जमा करवाने की सूचना देने का प्रयास कर रहा है.

अगर किसी वाहन चालक ने ग्रीन फीस नहीं चुकाई तो उसे 5 हजार रुपये जुर्माना देना होगा. इस जुर्माने का दस फीसद पुलिस को दिया जाएगा जबकि 90 फीसद नगर निगम अपने पास रखेगा. विशेष सदन महापौर संजय चौहान की अध्यक्षता में हुआ जिसमें आयुक्त पंकज राय, उपमहापौर टिकेद्र पंवर, एसई धर्मेद्र गिल व सभी पार्षद मौजूद थे.

जिन शिमला निवासियों के पास अन्य राज्यों के वाहन है, वे पार्षद के माध्यम से या निगम में साधारण आवेदन पत्र के जरिये पंजीकरण करवा सकते है. इस तरह के वाहनों को ग्रीन फीस से छूट दी जाएगी. स्थानीय लोगों ग्रीन पास नगर निगम देगा ताकि उन्हें बार-बार ग्रीन फीस के लिए तंग न किया जाए.

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