ISIS के चंगुल में 100 से ज्यादा बार हुईं रेप का शिकार, जिंदगी बन गई थी नर्क

स्टेट के चंगुल में सेक्स स्लेव की जिंदगी गुजारने वाली लड़कियों को ह्यूमन राइट्स के लिए अवॉर्ड दिया गया है, 18 साल की लामिया अजी बशर और 23 की नादिया मुराद को फ्रांस के स्ट्रासबर्ग में सखारोव अवॉर्ड दिया गया.

लामिया ने कहा कि यूरोपीय यूनियन का ये अवॉर्ड हर उस महिला और लड़की के लिए है, जो सेक्स स्लेव की तरह आईएस के चंगुल में रही, लामिया और नादिया ने कहा कि इराक में रहे रहे यजीदी कम्युनिटी के पांच लाख लोगों की सुरक्षा अभी जरूरी है.

यजीदी काफी पुराना धर्म है। इस कम्युनिटी के लोग आईएस और कट्टर मुस्लिमों के नफरत का शिकार हैं, नादिया और लामिया उन दो हजार यजीदी लड़कियों में से हैं, जो आईएस आतंकियों के अत्याचारों का शिकार हुईं.

अगस्त 2014 में इराक का सिंजर इलाका आतंकियों के कब्जे में आया था, तभी इन लड़कियों को बंधक बना लिया गया था, नादिया तीन महीने बाद भागने में कामयाब हो गई थी, जबकि लामिया चार नाकाम कोशिशों के बाद इस साल मार्च में आजाद हो सकी.

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