हैकर्स ग्रुप ‘लीजन’ का दावा- भारत के 40 हजार सर्वर किए हैक, अगला निशाना है संसद

दिल्ली

विजय माल्या, राहुल गांधी और कुछ चर्चित पत्रकारों के ट्विटर अकाउंट हैक करने वाले हैकर ग्रुप ‘लीजन’ की नजर अब सरकारी वेबसाइट sansad.nic.in पर है. यह साइट सरकारी कर्मचारियों को ईमेल सर्विसेज मुहैया करवाती है. लीजन के एक सदस्य ने खुलासा किया है कि ‘अगला निशाना sansad.nic.in है, जो कि काफी बड़ा निशाना है. इसमें कई बड़ी मछलियां हैं.’

एक एनक्रिप्टेड इंस्टेंट-मेसेजिंग सॉफ्टवेयर के माध्यम से सोमवार को वॉशिंगटन पोस्ट को दिए एक साक्षात्कार में लीजन ने कहा कि उसने भारत के 40 हजार से ज्‍यादा सर्वर हैक किए हैं, अगला निशाना भारतीय संसद की सरकारी वेबसाइट है. लीजन ने कहा वो अपोलो हॉस्पिटल्स के सर्वर तक अपनी पहुंच बना चुका है, पर उन सर्वरों से मिले आंकड़ों को जारी करने को लेकर अभी कुछ तय नहीं किया गया है, क्योंकि इससे भारत में हड़कंप मच सकता है.

यह दावा करते हुए कि उसके पास सभी सर्वरों की जानकारी है, लीजन ने कहा कि उसे अपोलो अस्पताल चेन के बारे में भी सबकुछ पता है, जहां स्वर्गीय जयललिता भर्ती थीं. लीजन ने दावा किया कि भारतीय बैंकिंग सिस्टम भी साइबर हमलों के निशाने पर है. फैक्ट्रीडेली और वॉशिंगटन पोस्ट के साथ इंटरव्यू में लीजन ने बेसिक डेटा स्कियॉरिटीज जैसे पहलुओं पर भी खुलकर बातचीत की.

विजय माल्या, राहुल गांधी और दो वरिष्ठ पत्रकारों के आधिकारिक ट्विटर हैंडल हैक करने वाला लीजन धीरे-धीरे कुख्यात होता जा रहा है. अगर हम लीजन नाम पर गौर करें तो अमेरिका में ‘लीजन ऑफ डूम’ (LOD) नाम का एक मशहूर हैकर ग्रुप था. इस हैकर ग्रुप की स्थापन लेक्स लुथर ने की था, जो 1990 के दशक से 2000 के शुरुआती दशक तक सक्रिय थे.

LOD को टेक्नॉलजी के इतिहास के सबसे ज्यादा प्रभावशाली हैकिंग ग्रुप में से एक माना जाता है. हालांकि, अभी यह नहीं कहा जा सकता कि यह लीजन वास्तव में ‘लीजन’ ऑफ डूम’ से प्रेरित है या नहीं, लेकिन यह बहुत ही प्रभावशाली है और भारत समेत दुनिया में कहीं भी साइबर अटैक को अंजाम दे सकता है.

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