IGMC शिमला में अब अपनी पर्ची खुद बनाएंगे मरीज

शिमला

हिमाचल प्रदेश के सबसे बड़े स्वास्थ्य संस्थान इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (IGMC) शिमला में उपचार के लिए आने वाले मरीजों को अब पर्ची बनाने के लिए लंबी कतार में लगने की जरूरत नहीं पड़ेगी. मरीजों को अपनी पर्ची बनाने के लिए काउंटर पर जाने की अवश्यकता भी नहीं होगी. मरीज अब अपनी पर्ची खुद बनाएंगे.

IGMC प्रशासन दो दिन के भीतर कियोस्क मशीन लगाएगा. इस मशीन को लगाने के लिए सोमवार को इंजीनियर पहुंच जाएंगे. यह मशीन IGMC में दो या तीन स्थानों पर लगाई जाएगी ताकि मरीजों को किसी प्रकार की दिक्कत का सामना न करना पड़े. इस मशीन में एटीएम की तरह साधारण सिस्टम होगा जिससे मरीज अपनी पर्ची खुद बना सकेंगे. मरीज इस मशीन में अपना नाम, आयु व बीमारी के संबंध में एंट्री दर्ज कर पर्ची निकाल सकेंगे. इसके बाद मरीज सीधे बीमारी से संबंधित ओपीडी में उपचार करवाने के लिए जाएगा.

हालांकि IGMC में पर्ची का काउंटर भी चलता रहेगा. ऐसी ही मशीने शहर के बैंको में भी लगाई गई है लेकिन उनमें बैक के कार्य के अनुसार डाटा व आदेश अपलोड किए गए है. IGMC में रोजाना दो हजार से अधिक ओपीडी है.

इनमें ज्यादातर मरीज दूरदराज के क्षेत्रों से आते है। कियोस्क पर्ची सिस्टम शुरू होने से सबसे अधिक लाभ उन लोगों को मिलेगा क्योंकि दूसरे जिला या दूरदराज क्षेत्रो से आने वाले लोगों को IGMC पहुंचने में कई बार देरी हो जाती है. ऐसे में उन्हें पर्ची काउंटर पर भी काफी समय व्यर्थ में गवाना पड़ता है. अब ऐसे मरीज IGMC पहुंचने पर आसानी से बिना कतारों में खड़े होकर आसानी से मशीन से पर्ची निकाल सकेंगे.

अस्पताल में मरीजों की सुविधा के लिए पर्ची बनाने के लिए एटीएम कियोस्क मशीन लगाने के लिए आज इंजीनियर आएंगे. मशीन लगने के बाद मरीज स्वयं पर्ची बना सकेंगे. इससे मरीजों को काफी लाभ मिलेगा।-डॉ. रमेश चद, एमएस.

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