AIIMS में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का किडनी ट्रांसप्लांट सफल

दिल्ली

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का शनिवार को एम्स में गुर्दा प्रतिरोपण किया गया. यह गुर्दा उन्हें किसी अनजान व्यक्ति ने दिया है. एम्स के सूत्रों के अनुसार डॉक्टरों के एक दल ने अस्पताल के कार्डियो-थोरैकिक सेंटर में 5 घंटे चले ऑपरेशन में गुर्दा प्रतिरोपण किया. डॉक्टरों के इस दल में एम्स के निदेशक डॉ एमसी मिश्रा, सर्जन डॉ वीके बंसल, डॉ वी सीनू और गुर्दा रोक विशेषज्ञ डॉ संदीप महाजन शामिल थे.

सूत्रों ने कहा, ‘ऑपरेशन सुबह 9 बजे शुरू हुआ और दोपहर ढाई बजे पूरा हुआ, जिसके बाद मंत्री को उसी इमारत में स्थित सघन चिकित्सा कक्ष (आईसीयू) में भेज दिया गया.’ उन्होंने कहा, ‘एक जीवित, अनजान दानकर्ता कोई भी इंसान हो सकता है जो प्राप्तकर्ता से भावनात्मक रूप से जुड़ा हो जैसे कि कोई दोस्त, कोई रिश्तेदार, कोई पड़ोसी या सुसराल पक्ष का कोई व्यक्ति. चूंकि उनके (सुषमा स्वराज के) खुद के परिवार में कोई दानकर्ता नहीं था, इसलिए एक जीवित अनजान दानकर्ता से लिए गए गुर्दे का प्रतिरोपण किया गया.’

सूत्रों के अनुसार, ‘प्रक्रिया से पहले प्राधिकरण समिति से मंजूरी ली गई.’ डॉक्टरों ने कहा कि 64 साल की सुषमा लंबे समय से मधुमेह से पीड़ित रही हैं. एक जांच के दौरान उनके गुर्दों के काम नहीं करने का पता चला था. इसके बाद से वह डायलिसिस पर थीं.

एम्स के एक वरिष्ठ डॉक्टर ने कहा, ‘उनकी हफ्ते में तीन बार डायलिसिस हो रही थी.’ सुषमा स्वराज ने गत 16 नवंबर को ट्विटर पर लिखा था कि उनके गुर्दे ने काम करना बंद कर दिया है, इसलिए वह एम्स में भर्ती हैं.

उन्होंने ट्वीट किया था, ‘मेरे गुर्दे ने काम करना बंद कर दिया है, इसलिए मैं एम्स में भर्ती हूं. इस समय मेरी डायलिसिस चल रही है. गुर्दे के प्रतिरोपण के लिए मेरी स्वास्थ्य जांच की जा रही है. भगवान कृष्ण की कृपा मुझपर बनी रहे.’ उन्हें 7 नवंबर को एम्स में भर्ती किया गया था.

विदेश मंत्री के अपने स्वास्थ्य की जानकारी देने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना करते हुए संदेश दिए और बहुत सारे लोगों ने प्रतिरोपण के लिए अपना गुर्दा देने की भी पेशकश की. इससे पहले इस साल अप्रैल में निमोनिया एवं दूसरी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के इलाज के लिए उन्हें एम्स में भर्ती किया गया था.

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