पितृत्व जानने के लिए DNA टेस्ट अहम: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट

शिमला

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में अहम ब्यवस्था देते हुए कहा कि DNA टेस्ट पितृत्व जानने के लिए महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है. इससे किसी की व्यक्तिगत छवि को कोई हानि नहीं होती है. न्यायाधीश धर्मचद चौधरी ने DNA टेस्ट करवाए जाने के खिलाफ दायर याचिका की सुनवाई के बाद यह व्यवस्था दी.

प्रार्थी ने हाईकोर्ट में उस आदेश को चुनौती दी थी जिसमें जिला न्यायाधीश शिमला ने प्रार्थी को DNA टेस्ट के लिए ब्लड सैंपल देने के आदेश दिए थे. प्रार्थी ने हाईकोर्ट में दलील दी थी की DNA टेस्ट एक संवेदनशील मुद्दा है और किसी भी व्यक्ति को ब्लड सैंपल देने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता है क्योंकि इससे उसकी निजता के अधिकार का हनन होता है. हाईकोर्ट ने जिला न्यायाधीश शिमला के फैसले को सही मानते हुए प्रार्थी द्वारा दायर याचिका को खारिज कर दिया.

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