शिमला में कैशलेस लेन-देन के लिए विश्वविद्यालयों के टॉपर्स को मिलेगा प्रशिक्षण

शिमला

प्रदेश के विश्वविद्यालयों में कैशलेस लेन-देन शुरू करने के लिए टॉपर्स को प्रशिक्षित किया जाएगा. उच्च शिक्षण संस्थानों में कैशलेस की नई व्यवस्था शुरू करने के लिए सभी विश्वविद्यालयों ने हामी भरी है. इस कारण अब विद्यार्थियों सहित पूरे स्टाफ को डिजिटल तरीके से अदायगी करने के लिए जागरूक किया जाएगा.

प्रदेश के सभी सरकारी व निजी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों की विशेष बैठक की अध्यक्षता करते हुए राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने कहा कि डेबिट व क्रेडिट कार्डो, ऑनलाइन हस्तातरण, आरटीजीएस, चेक आदि से कैशलेस लेन-देन सुनिश्चित बनाएं.

अध्यापकों, स्टाफ व विद्यार्थियों को मोबाइल तकनीक द्वारा डिजिटल लेन-देन के प्रयोग की जानकारी दी जाए. उन्होंने इस विषय पर प्रशिक्षण कार्यशाला व सेमीनार आयोजित करने पर बल दिया.

हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला के टॉपर्स के लिए बैंकों की सहायता से 17 दिसंबर को राजभवन में प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की जाएगी. कार्यशाला में तकनीकी विशेषज्ञ कैशलेस तकनीक की जानकारी देंगे.

इसी प्रकार की कार्यशालाएं विश्वविद्यालयों में भी आयोजित की जाएंगी जिसके बाद प्रदेश के महाविद्यालयों में भी जागरूकता अभियान शुरू होंगे ताकि प्रदेश देश का ऐसा पहला राज्य बन सके जहा पूर्ण रूप से कैशलेस लेन-देन होगा.

बैठक में विश्वविद्यालयों के कुलपतियों ने सुझाव दिए. उन्होंने राज्यपाल को आस्वस्त किया कि उनके संबंधित विश्वविद्यालयों में पूर्ण कैशलेस लेन-देन के लक्ष्य को पूरा किया जाएगा.

Share With:
Rate This Article