सीजन की पहली गहरी धुंध ने सुस्त की रफ्तार, ट्रेने अपने टाइम से हुई लेट

पानीपत

पूरा प्रदेश धुंध के आगोश में है, मंगलवार रात इस मौसम की अब तक सबसे घनी धुंध छा गई, इससे जीटी बेल्ट में जहां दृश्यता शून्य हो गई, वहीं, हिसार बेल्ट में यह 500 मीटर रही, हाईवे पर वाहन और रेलवे ट्रैक पर ट्रेनें रुक-रुककर रेंगते दिखे कई ट्रेनें घंटों ले रहीं.

लोको पायलट को बीच-बीच में ट्रेन के शीशे तक साफ करते हुए चलना पड़ा बुधवार को कुछ जगह दिन के 12 बजे भी वाहनों की लाइटें जलाकर चलना पड़ा, दोपहर बाद कुछ स्पीड पकड़ी, लेकिन शाम होते-होते कोहरा फिर गहराने से फिर ब्रेक लग गया, दो दिनों में सूर्य की चमक 5 घंटे तक कम हो चुकी है.
बुधवार को सिर्फ दो घंटे सूरज निकला, लेकिन चमक शून्य ही रही, नारनौल 5.5 डिग्री न्यूनतम तापमान के साथ देशभर के मैदानी इलाकों में सबसे ठंडा रहा वहीं करनाल समेत कई जिलों में अधिकतम तापमान दो दिन में ही 25 से घटकर 17.0 डिग्री पर आ गया है.
23 ट्रेनें लेट, 19 घंटे तक की देरी से चलीं धुंध के कारण बुधवार को पानीपत रेलवे स्टेशन से गुजरने वाली करीब 23 ट्रेनें अपने निर्धारित समय से लेट पहुंचीं, सचखंड एक्स. 19, मूरी एक्स. 13, स्वराज व झेलम एक्सप्रेस 12, कालका-हावड़ा एक्स. 6, शहीद एक्स. 5, शान-ए-पंजाब 4, दादर एक्स. 4, चंडीगढ़-बांद्रा एक्स. 3 घंटे, जन शताब्दी व पठानकोट एक्स. 2 घंटे लेट रहीं, जींद-पानीपत लोकल ट्रेन समेत कई लोकल ट्रेनें भी घंटों देरी से चलीं.

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