जनमत संग्रह में हार के बाद इतालवी पीएम का इस्तीफा

रोम

इटली के प्रधानमंत्री मातेओ रेंजी ने सोमवार देर रात अपने पद से इस्तीफा दे दिया. संविधान संशोधन पर जनमत संग्रह में मिली हार के कारण रेंजी को यह कदम उठाना पड़ा है. रविवार को हुए जनमत संग्रह में करीब 60 फीसद लोगों ने सुधार के रेंजी के प्रस्ताव को खारिज कर दिया था.

नतीजों के बाद भावुक नजर आ रहे रेंजी ने कहा, ‘सरकार चलाने का मेरा अनुभव यहीं समाप्त होता है.’ रेंजी का कार्यकाल 2018 में पूरा होना था. माना जा रहा है कि सत्ताधारी डेमोक्रेटिक पार्टी वित्त मंत्री पियर कार्लो पाडोआन को नया नेता चुन सकती है. गौरतलब है कि इटली में 1948 में बने संविधान में संशोधन की पहल खुद रेंजी ने की थी. वे संविधान में संशोधन करके उच्च सदन सीनेट की शक्तियां कम करना चाहते थे. इसके सदस्यों की संया 315 से घटाकर 100 करना चाहते थे.

पॉपुलिस्ट पार्टियां इसके खिलाफ प्रचार कर रहीं थी. इसके लिए हास्य कलाकार से राजनेता बने बेप्पे ग्रिलो के नेतृत्व में सत्ता विरोधी फाइव स्टार मूवमेंट का गठन किया गया था. जनमत संग्रह में रेंजी की हार के बाद से कयास लगाया जा रहा है कि इटली निकट भविष्य में यूरोपीय संघ से बाहर आ सकता है.

जानकारों का मानना है कि यदि मध्यावधि चुनाव से ग्रिलो सत्ता में आते हैं तो वह यूरो खत्म करने, इतालवी मुद्रा लिरा की वापसी और ब्रिटेन की तर्ज पर यूरोपीय संघ से अलग होने के लेकर जनमत संग्रह करवा सकते हैं.

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