‘रूजवेल्ट हाउस’ को मिला सांस्कृतिक महत्व की संपत्ति का दर्जा

वॉशिंगटन

अमेरिका के विदेश मंत्री जॉन केरी ने भारत में अमेरिकी राजदूत के आधिकारिक आवास ऐतिहासिक ‘रुजवेल्ट हाउस’ को सांस्कृतिक महत्व की संपत्ति का दर्जा दिया है. अमेरिकी विदेश मंत्री के सांस्कृतिक महत्व की संपत्ति के रजिस्टर की सूची में दुनियाभर से ऐसे 6 अन्य अमेरिकी राजनयिक भवनों को जोड़ा गया है.

वर्ष 2000 में ‘वाइट हाउस मिलेनियम प्रॉजेक्ट’ के तौर पर शुरू किए गए रजिस्टर में 33 अमेरिकी सरकारी संपत्तियों को शामिल किया गया है और यह विदेशों में स्थित ऐसे महत्वपूर्ण राजनयिक भवनों की सम्मानित सूची है जो देश की अंतरराष्ट्रीय विरासत में महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं.

नई दिल्ली के राजनयिक एन्क्लेव स्थित अमेरिकी दूतावास को पहले ही इस सूची में स्थान प्राप्त है. रुजवेल्ट हाउस के अलावा इस सूची में शामिल अन्य अमेरिकी भवनों में कॉन्सुलर अकैडमी, ऑस्ट्रिया के विएना स्थित द चांसरी ऐट द यूएस एम्बेसी, हंगरी के बुडापेस्ट में स्थित यूएस चांसरी, फिनलैंड के हेलसिंकी में स्थित ऐंबैसडर रेजीडेन्स, तुर्की के इस्तांबुल में स्थित द पलाजो कॉर्पी वगैरह हैं.

1950 के दशक में निर्मित और तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति ड्वाइट डी आइजनहावर (1953-1961) के शासन के दौरान पहली बड़ी दूतावास भवन परियोजना के तौर पर स्वीकृत ‘रुजवेल्ट हाउस’ का डिजाइन मशहूर वास्तुकार एडवर्ड डुरेल स्टोन ने तैयार किया था. उन्होंने भारत की आजादी के बाद भारत के प्रति अमेरिकी प्रतिबद्धता के तौर पर इतिहास को समेटते हुए इसे एक यादगार प्रतीक बनाया था.

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