अमृतसर में ‘हार्ट ऑफ एशिया’ सम्मेलन का घोषणापत्र जारी, आतंकवाद के खात्मे का संकल्प

अमृतसर

अमतसर में दो दिन चले हॉर्ट ऑफ एशिया सम्मेलन का समापन हो गया. केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने अमृतसर डिक्लेरेशन की घोषणा करते हुए कहा कि इस कांफ्रेंस में आतंकवाद और अलगाववाद मुख्य मुद्दा रहा.

इस कांफ्रेंस में शामिल हुए 45 देशों ने अमृतसर डिक्लेरेशन को स्वीकार करते हुए एक साथ मिलकर आतंकवाद के खिलाफ लड़ने और अफगानिस्तान के विकास में पूर्ण सहयोग देने की घोषणा की.

कांफ्रेंस में अफगानिस्तान से आतंकवाद मिटाने, अफगानिस्तान से इस रीजन के देशों की कनेक्टिविटी बढ़ाने और अफगानिस्तान के विकास में सहयोग करने के 3 मुद्दे मुख्य रूप से रखे गए.

संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि कि घोषणापत्र आतंकवाद को शांति एवं स्थिरता के लिए सबसे बड़ा खतरा मानता है. यह आतंकवाद के सभी रूपों और इसके सहयोग, वित्तपोषण, पनाहगाहों को फौरन खत्म करने की अपील करता है.

भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे जेटली ने कहा, पहली बार किसी हार्ट ऑफ एशिया घोषणापत्र में अफगानिस्तान और क्षेत्र में अलकायदा, दाएश, एलईटी तथा जेईएम जैसे आतंकी संगठनों के द्वारा की गई हिंसा पर चिंता जाहिर की गई. हालांकि, एचओए के इस्लामाबाद घोषणापत्र में अलकायदा और दाएश का जिक्र किया गया था.

आतंकी संगठनों का मुकाबला करने के लिए समन्वित सहयोग की अपील करने के अलावा घोषणापत्र में अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद पर काम्प्रीहेंसिव कंवेंशन को जल्द अंतिम रूप देने की मांग की गई. इसने क्षेत्रीय आतंक रोधी ढांचा के मसौदा पर चर्चा के लिए विशेषज्ञों की शीघ्र बैठक किए जाने का समर्थन किया ताकि इसे जल्द अंतिम रूप दिया जा सके.

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