हार्ट ऑफ एशिया: आतंकवाद के मुद्दे पर घिरा पाक, पीएम मोदी-अशरफ गनी ने मिलकर बोला हमला

अमृतसर

हॉट ऑफ एशिया सम्‍मेलन में अफगानिस्‍तान के राष्‍ट्रपति अशरफ गनी और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पाकिस्तान पर जमकर तीखा हमला बोला. अशरफ गनी ने पाकिस्‍तान पर आरोप लगाया कि वह देश तालिबान समेत कई आतंकवादी नेटवर्कों को चोरी-छिपे समर्थन देकर उनके देश के खिलाफ ‘अघोषित जंग’ छेड़ रहा है. उन्होंने कहा कि संघर्ष प्रभावित अफगानिस्तान में भारत की बढ़ती सहभागिता में कोई गुप्त समझौते नहीं हैं.

हार्ट ऑफ एशिया के छठे वार्षिक सम्मेलन में अपने संबोधन में गनी ने पाकिस्तान की तीखी आलोचना की और कहा कि आतंकवाद, उग्रवाद और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों से कौन लाभ प्राप्त कर रहा है, यह पता लगाने के लिए एक एशियाई या अंतरराष्ट्रीय प्रणाली बनाई जानी चाहिए जिसमें कोई खेल नहीं होना चाहिए.

गनी ने कहा कि पाकिस्तान के साथ अफगानिस्तान के द्विपक्षीय और बहुपक्षीय संबंधों के बावजूद अफगानिस्तान के सत्ता परिवर्तन पर ब्रशेल्स में हाल ही में हुए सम्मेलन के बाद ‘अघोषित जंग’ तेज हो गयी है जो 2014 की सर्दियों में छेड़ी गयी थी.

सीमापार आतंकवादी हमलों से इनकार करने की पाकिस्तान की प्रवृत्ति की निंदा करते हुए अफगान राष्ट्रपति ने एक अंतरराष्ट्रीय प्रणाली स्थापित करने की मांग की ताकि पिछले कुछ महीने में बढ़ गये ऐसे हमलों की हकीकत की पड़ताल की जा सके. उन्होंने आतंकवाद को रोकने के लिए एक वैश्विक कोष भी बनाने की मांग की.

उन्होंने पाकिस्तान के संदर्भ में कहा, ‘‘हम अफगानिस्तान के पुनर्निर्माण के लिए 50 करोड डॉलर के संकल्प के लिए पाकिस्तान का शुक्रिया अदा करते हैं.” उन्होंने कहा, ‘‘अजीज इस धन का इस्तेमाल आतंकवादियों पर लगाम लगाने के लिए बहुत अच्छी तरह किया जा सकता है क्योंकि बिना शांति के कोई भी सहायता राशि हमारी जनता की जरुरतों को पूरा नहीं कर पाएगी.”

गनी ने कहा कि अगर पाकिस्तान आतंकवादियों को समर्थन देता रहेगा तो कोई धनराशि अफगानिस्तान की सहायता नहीं कर सकती. उन्होंने कहा कि ब्रसेल्स सम्मेलन के बाद अफगानिस्तान में पांच अक्तूबर से 20 नवंबर के बीच हिंसा का स्तर सर्वोच्च रहा. इस हिंसा से पाकिस्तान में सरकार प्रायोजित पनाहगाहों को नेस्तनाबूद करने की मांग तेज हो गयी है.

वहीं, पीएम नरेंद्र मोदी ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि आज हम सबका यहां एकजुट होना, अंतरराष्ट्रीय समुदाय की अफगानिस्तान में शांति और स्थिरता बनाए रखने की प्रतिबद्धता को फिर से दिखाता है. उन्होंने कहा कि हमारी बातों और कार्यों का मक़सद अफगानिस्तान और उसके नागरिकों की तरक्की, मज़बूती और बाहरी खतरे से बचाने पर रहता है. उन्होंने यह भी कहा कि अफगानिस्तान में शांति कायम करने को लेकर पर्याप्त मात्रा में आवाज़ें नहीं उठ रही हैं. इस मुद्दे पर कठोर कार्यवाही की जरूरत है.

इस शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी ने आतंकवाद पर निशाना साधते हुए कहा हमें डर और खून खराबा फैलाने वाले आतंकी नेटवर्क को परास्त करने के लिए मजबूत इच्छाशक्ति का प्रदर्शन करना होगा. उन्होंने कहा की चुप्पी और निष्क्रियता आतंक और उसके मालिकों को बढ़ावा देगी.

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