हार्ट ऑफ एशिया समिट: PM मोदी बोले- आतंकवाद को पनाह देने वालों के खिलाफ करें कड़ी कार्रवाई

अमृतसर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमृतसर में रविवार को हार्ट ऑफ एशिया सम्मेलन के उद्घाटन के मौके पर सभी देशों के प्रतिनिधियों को संबोधित किया. PM मोदी ने कहा कि आतंकवाद से लड़ाई में सबको एकजुट होना पड़ेगा.

उन्होंने कहा कि आतंकवाद से अफगानिस्तान की शांति को खतरा है और पूरे क्षेत्र में शांति बहाली की कोशिश की जा रही है. PM ने कहा कि सीमापार से चल रहे आतंकवाद की पहचान करनी होगी और इससे मिलकर लड़ना जरूरी है.

PM मोदी ने कहा कि अफगानिस्तान के राष्ट्रपति के साथ मिलकर 6ठें हार्ट ऑफ एशिया सम्मेलन का उद्घाटन करना हमारे लिए खुशी की बात है. इस मौके पर उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान के साथ भारत के करीबी रिश्ते हैं और उसकी मदद करना हमारा मकसद है. उन्होंने कहा कि हम अफगानिस्तान में शांति लाना चाहते हैं.

उन्होंने कहा कि सिर्फ आतंकवादियों के खिलाफ ही नहीं बल्कि आतंकवाद को आर्थिक सपोर्ट करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई करनी होगी.

अशरफ गनी ने सम्मलेन के उद्घाटन के मौके पर कहा कि भारत अफगानिस्तान को बिना शर्त आर्थिक सहयोग दे रहा है और इसके लिए उन्होंने भारत का शुक्रिया अदा किया. गनी ने सपोर्ट के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा को भी धन्यवाद कहा.

अशरफ गनी ने आतंकवाद को लेकर पाकिस्तान पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि तालिबान ने स्वीकार किया है कि उसे पाकिस्तान से सपोर्ट मिल रहा है. गनी ने कहा कि अफगानिस्तान में पिछले साल सबसे ज्यादा मौतें हुईं, जो स्वीकार्य नहीं है.

उन्होंने कहा कि यूनाइटिड नेशन्स की तरफ से नामित किए गए करीब 30 आतंकी संगठन अफगानिस्तान में अपने पांव जमाने की कोशिश कर रहे हैं.

अशरफ गनी ने कहा कि भारत, अफगानिस्तान और इरान के लिए चाबहार पोर्ट प्रोजेक्ट कनेक्टिविटि के लिए बेहद महत्वपूर्ण है.

द्विपक्षीय वार्ता के दौरान दोनों नेताओं ने व्यापार, निवेश, अफगानिस्तान में भारत की तरफ किए जा रहे निर्माण और सुरक्षा को मजबूत करने जैसे कई अहम मुद्दों पर चर्चा की. बैठक में PM मोदी ने गनी को भरोसा दिलाया कि अफगानिस्तान में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए भारत की तरफ से सहयोग जारी रहेगा.

सम्मेलन के उद्घाटन समारोह में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने यहां पहुंचे विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों का स्वागत किया. अफगानिस्तान के विदेश मंत्री सलाउद्दीन रब्बानी ने इस मौके पर कहा कि आतंकवाद और कट्टरपंथ जैसे मुद्दों से निपटने के लिए अभी बहुत काम करने की जरूरत है.

इस सम्मेलन में भी पाकिस्तान अलग-थलग पड़ता नजर आया. सम्मेलन में हिस्सा लेने पहुंचे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के विदेश मामलों के सलाहकार सरताज अजीज रविवार को स्वर्ण मंदिर जाएंगे और सम्मेलन शुरू होने से पहले ही वो स्वर्ण मंदिर के लिए रवाना हो गए.

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