अमृतसर में हार्ट ऑफ एशिया सम्मेलन शुरू, मोदी समेत 14 देशों के प्रतिनिधि लेंगे हिस्सा

अमृतसर

स्वर्ण मंदिर और जलियांवाला बाग के लिए प्रसिद्ध अमृतसर में दो दिवसीय हार्ट ऑफ़ एशिया सम्मेलन शुरू हो गया. सम्मेलन के लिए अधिकारियों की बैठक शुरू हो गई है. बैठक में एशिया में शांति व आपसी सहयोग और अफगानिस्तान की हालत को प्रमुख मुद्दा रखा गया है. इसके साथ ही भारत आतंकवाद और नगरोटा हमले पर पाकिस्तान को घेरेगा.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसकी शुरुआत करेंगे, जो शनिवार शाम को अमृतसर पहुंचेगे और अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी के साथ उनकी द्विपक्षीय वार्ता होगी. इस दौरान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के सलाहकार सरताज अजीज भी पहुंचेगे. हालांकि भारत और पाकिस्तान के बीच कोई द्विपक्षीय वार्ता नहीं होगी.

2 नवम्बर 2011 को हार्ट ऑफ एशिया का आयोजन इस्ताम्बुल तुर्की में हुआ था. इससे पहले 2011 में तुर्की, 2012 में अफगानिस्तान, 2012 में कजाकिस्तान, 2014 चीन व 2015 में पाकिस्तान में हो चुका है. इसमें 15 देश शामिल होने के अलावा 16 अन्य सहयोगी व 13 क्षेत्रीय व अंतर्राष्ट्रीय आर्गेनाइजेशन के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं. इस कांफ्रैंस में हिस्सा लेने वाले मुख्य देश अफगानिस्तान, अजरबाईजान, चीन, भारत ईरान, कजाकिस्तान, पाकिस्तान, रूस, सऊदी अरब, तुर्की, तुर्कमेनिस्तान, यूनाइटिड अरब अमीरात, सहयोगी देशों में अस्ट्रेलिया, कैनेडा, डैनमार्क, फ्रांस, ईराक, इटली, जापान, नार्वे, पोलैंड, स्पेन, स्वीडन, यू.के. व यू.एस.ए. है. इस 6वीं कांफ्रैंस के लिए 13 के करीब क्षेत्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर की आर्गेनाइजेशनों की शमूलियत हो रही है.

इनमें मुख्य तौर पर यूनाइटिड नैशनल, आगा खान डिवैल्पमैंट नैटवर्क, सैंट्रल एशिया रिजिनल इकोनोमिक को-आप्रेशन, एशियन, डिवैल्पमैंट बैंक, यूरोपियन यूनियन, साऊथ एशिया एसोसिएशन रिजनल को-आप्रेशन आदि हैं. छठे हार्ट ऑफ एशिया में पहुंचने वाले मेहमानों का श्री गुरु रामदास एयरपोर्ट राजासांसी पर स्वागत शुरू हुआ. गत सायं उनको जलियांवाला बाग की विजिट करवाई गई, जबकि 3 दिसम्बर को छठे हार्ट ऑफ एशिया की एक सांझी मीटिंग होगी. 4 दिसम्बर को हार्ट ऑफ एशिया का पूरा शिष्टमंडल श्री दरबार साहिब के दर्शन करेगा.

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