फिदेल कास्त्रो की याद में रैली, दुनिया के बड़े नेताओं ने की शिरकत

हवाना

क्यूबा के दिवंगत साम्यवादी नेता फिदेल कास्त्रो के पार्थिव शरीर को देशभर में ले जाने से पहले लाखों क्यूबावासियों ने लैटिन अमेरिकी तथा अफ्रीकी नेताओं के साथ हवाना में एक बड़ी रैली निकाली.

रैली में लाखों की भीड़ ने रेवलूशन स्क्वेयर पर ‘फिदेल-फिदेल’ और ‘क्रांति अमर रहे’ के नारे लगाए. यह वही मैदान है जहां कास्त्रो ने कई यादगार भाषण दिए थे. नैशनल लाइब्रेरी में कास्त्रो की काफी बड़ी तस्वीर लगाई गई जिसमें दाढ़ी वाले युवा कास्त्रो गुरिल्ला वर्दी में नजर आ रहे हैं और उनके कंधे पर रायफल टंगी हुई है. यहां उनके भाई और वारिस राउल कास्त्रो ने जनता का अभिवादन किया.

इक्वाडोर के वामपंथी राष्ट्रपति राफेल कोर्रिया ने कास्त्रो की विचारधारा की प्रशंसा करते हुए कहा, ‘हम शपथ लेते हैं कि इन विचारों के लिए लड़ाई जारी रखेंगे.’ दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति जैकब जुमा ने कास्त्रो के रंगभेद नीति के खिलाफ विरोध का जिक्र करते हुए उन्हें ’20वीं सदी के महान नायकों में से एक बताया’ और कहा कि विरोधियों के खिलाफ अंगोला सरकार को समर्थन देने के लिए उन्होंने क्यूबाई सेना को वहां तैनात किया था. विश्व के कई नेताओं ने इससे परहेज किया. रूस, चीन और ईरान के भी प्रतिनिधि भी इस रैली में यहां मौजूद थे.

कास्त्रो का 90 वर्ष की आयु में शुक्रवार को निधन हो गया था. मंगलवार के समारोह के बाद कास्त्रो के पार्थिव शरीर को लेकर ‘आजादी का कारवां’ देशभर में उसी मार्ग पर चलेगा जो वर्ष 1959 में उनके गुरिल्ला अभियान का मार्ग था. स्मृति समारोह रविवार को खत्म होगा जिसके बाद उनके पार्थिव शरीर को पूर्वी शहर सेंटियागो दे क्यूबा में रख दिया जाएगा, यहीं पर 19वीं सदी के आजादी के हीरो जोस मारती को दफनाया गया है.

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