शिमला: सस्ते राशन में नहीं हो सकेगा फर्जीवाड़ा, डिपुओं में लगेंगी मशीनें

शिमला: सस्ते राशन में नहीं हो सकेगा फर्जीवाड़ा, डिपुओं में लगेंगी मशीनें

शिमला

फर्जीबाड़ा रोकने के लिए सस्ते राशन के 4,500 डिपुओं में राज्य सरकार नए साल से प्वाइंट आफ सेल (पॉस) मशीनें लगाएगी. सरकार सूबे के करीब 18.5 लाख उपभोक्ताओं को डिजिटल राशनकार्ड देगी, जिसे मशीन में स्वैप करना पड़ेगा.

कार्ड स्वैप होते ही परिवार के सदस्यों और राशन का ब्यौरा मशीन की स्क्रीन पर आ जाएगा, जिसके बाद राशन लेने या न लेने की एंट्री हो जाएगी. सरकार ने पॉस मशीनों के लिए टेंडर आमंत्रित किए थे, जिसमें चार कंपनियों ने हिस्सा लिया.

खाद्य आपूर्ति मंत्री जीएस बाली ने बताया कि राशनकार्ड ATM की तर्ज पर होगा. मंत्री ने कहा कि मशीनें लगने से सस्ते राशन का फर्जीबाड़ा खत्म हो जाएगा. बता दें कि सूबे में 18.5 लाख उपभोक्ता डिपुओं से सस्ता राशन लेते हैं. सरकार का मानना है कि प्रदेश भर में 2 लाख राशनकार्ड फर्जी हो सकते हैं. कई लोग ऐसे भी हैं, जो एक ही परिवार में रहते हैं और राशनकार्ड अलग-अलग बनाए हैं. मशीन के माध्यम से लोगों को राशन उपलब्ध कराए जाने से सारा फर्जीबाड़ा सामने आ जाएगा.

खाद्य आपूर्ति निगम के प्रधान सचिव तरुण कपूर ने बताया कि सभी डिपुओं को ऑनलाइन किया जा रहा है. डिपुओं में कितना राशन गया और कितना बंटा ये सब ऑनलाइन किया जाएगा. उपभोक्ताओं को ATM की तर्ज पर डिजिटल राशनकार्ड दिया जाएगा. इस कार्ड में एक तरफ परिवार के मुखिया का नाम होगा जबकि दूसरी तरफ सदस्यों की संख्या होगी. यह कार्ड खाद्य आपूर्ति विभाग के सॉफ्टवेयर से जुड़े होंगे.

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