नोटबंदी का असर: बैंक की लाइन में खड़े दो लोगों की मौत

नोटबंदी का असर: बैंक की लाइन में खड़े दो लोगों की मौत

जलालाबाद

नोटबंदी के कारण मरने वालों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी होती जा रही है. अब पंजाब में दो लोगों की मौत के अलग-अलग मामले सामने आए हैं. जहां, अमृतसर के अजनाला में एक शख्स की मौत हुई है. पंजाब नेशनल बैंक में पैसे जमा कराने के लिए खड़े टेहेल सिंह की मौत हो गई.

वहीं,जलालाबाद में स्टेट बैंक ऑफ पटियाला की शाखा से पैसे निकलवाने के लिए लाइन में खड़े जोगिंदर सिंह नाम के एक शख्स की मौत हो गई. बताया जा रहा है कि जोगिंदर सिंह पैसों निकलवाने के लिए लाइन में खड़े थे. तभी उन्हें घबराहट होने लगी और फिर उनकी मौत हो गई. वहीं, मृतकों के परिजनों ने जोगिंदर सिंह की मौत के लिए बैंक प्रबंधक को जिम्मेदार ठहराया है.

इस संबंधी बैंक शाखा के मैनेजर ने कुछ भी बोलने से मना कर दिया. मृतक जोगिंदर सिंह (55) वासी गांव घुबाया के बेटे सुखदेव सिंह व राज कुमार ने बताया कि उनके पिता सुबह 8 बजे से स्टेट बैंक ऑफ पटियाला में पैसे जमा करवाने के लिए गए थे.

उन्हें दोपहर ढाई बजे घर पर टेलीफोन गया कि जोगिंदर सिंह की बैंक के अंदर मौत हो गई. बैंक में मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि शनिवार व रविवार बैंक बंद होने के कारण सुबह से ही बैंक के गेट पर लोगों की भीड़ थी.

जैसे ही बैंक खुला लोग अंदर बने काउंटर पर कतारें बनाकर खड़े हो गए. बैंक में गर्मी और उमस बहुत थी. बैंक के स्टाफ से पंखे चलाने के लिए कहा गया लेकिन किसी ने पंखे नहीं चलाए. बैंक में पानी का भी कोई बंदोबस्त नहीं था. लोगों ने बताया कि जोगिंदर सिंह लाइन में खड़ा था और चक्कर खाकर गिर गया. बैंक स्टाफ से पानी की मदद मांगी लेकिन किसी ने पानी तक नहीं दिया.

थोड़ी देर बाद जोगिंदर की मौत हो गई. बताया जा रहा है कि बैंक में दो सौ से तीन सौ तक लोगों की भीड़ थी. उधर, कांग्रेस के पूर्व जंगलात मंत्री हंस राज जोसन बैंक में पहुंचे और मृतक के परिजनों से मिले.

जोसन ने कहा कि बैंक वाले लोगों से ठीक से व्यवहार नहीं कर रहे हैं. लोगों की सुविधा के लिए कोई इंतजाम नहीं है. ये मौत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नोटबंदी के कारण हुई है. सरकार को जोगिंदर सिंह के परिजनों को मुआवजा देना चाहिए.

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