नोटबंदी के खिलाफ विपक्ष का जनाक्रोश दिवस, केरल-चेन्नई में दिखा असर

नोटबंदी के खिलाफ विपक्ष का जनाक्रोश दिवस, केरल-चेन्नई में दिखा असर

दिल्ली

नोटबंदी के मुद्दे पर विपक्षी पार्टियां जन आक्रोश दिवस के रूप में सरकार के फैसले का विरोध कर रही हैं. लेकिन जनता दल यूनाइडेट इस विरोध प्रदर्शन में शामिल नहीं हैं. जनआक्रोश दिवस में तृणमूल कांग्रेस के अलावा लेफ्ट पार्टियां, सीपीएम, आम आदमी पार्टी, बसपा और सपा शामिल हैं.

केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार ने कहा कि काले धन के खिलाफ आक्रोश होना चाहिए। लेकिन अफसोस की बात है कि विपक्ष पूरे मामले को उल्टे ढंग से देख रहा है.

नागपुर में भाजपा कार्यकर्ता जन आक्रोश दिवस के विरोध में जन आभार दिवस मना रहे हैं. कार्यकर्ताओं ने नोटबंदी पर मिल रहे समर्थन पर लोगों का धन्यवाद किया और मिठाइयां बांटीं. पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि ओडिशा सरकार ने पहले नोटबंदी के फैसले का समर्थन किया था. लेकिन सरकार ने आज स्कूलों को बंद करने का फैसला किया जो समझ के बाहर है.

चेन्नई में जनाक्रोश दिवस का असर साफ दिखाई दे रहा है. डीएमके कार्यकर्ताओं ने नोटबंदी के फैसले के खिलाफ सड़कों पर प्रदर्शन किया. केरल में जनाक्रोश का असर देखा जा रहा है. सड़कें सूनी पड़ी हैं, और दुकानों में ताले लटके हुए हैं.

बिहार के दरभंगा में सीपीआई(माले) के कार्यकर्ताओं ने ट्रेनों को रोका. नोटबंदी और जनाक्रोश दिवस पर सपा नेता नरेश अग्रवाल ने कहा कि पूरा विपक्ष एकजुट है. जेडीयू इस मुद्दे पर डबल स्टैंडर्ड अपना रहा है. तृणमूल कांग्रेस प्रमुख और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी नोटबंदी के विरोध में कोलकाता में दोपहर में मार्च निकालेंगी. आम आदमी पार्टी राजधानी दिल्ली के सेंट्रल पार्क में विरोध प्रदर्शन करेगी.

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू इस विरोध प्रदर्शन में शामिल नहीं होगी, क्योंकि नीतीश ने 500 और 1000 रुपये के नोट को बंद करने का समर्थन किया है. नीतीश का कहना है कि नोटबंदी से कालेधन के खिलाफ लड़ाई में मदद मिलेगी.

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि उनकी पार्टी ने भारत बंद का ऐलान नहीं किया है. नोटबंदी से हो रही परेशानी के मद्देनजर जनआक्रोश में उनकी पार्टी शामिल है. इससे पहले जयराम रमेश ने कहा कि सरकार के नोटबंदी के फैसले के बाद 9 नवंबर से ही देश भर में बंदी है.

तृणमूल कांग्रेस की नेता ममता बनर्जी रविवार को पीएम मोदी पर जमकर बरसीं. उन्होंने कहा कि पीएम मोदी का मन की बात कार्यक्रम असल में मोदी की बात है और इस तरह पीएम सरकारी संपत्ति का दुरूपयोग कर रहे हैं. ममता ने कहा कि पीएम ने भारत की अर्थव्यवस्था को बर्बाद कर दिया है. देश का विकास समाज के एक बड़े तबके को वंचित करके या नोटबंदी कर नहीं की जा सकती है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 8 नवंबर की रात को नोटबंदी की घोषणा किए जाने के बाद से लोग गंभीर नकदी संकट से जूझ रहे हैं. बैंकों और एटीएम के बाहर लगातार लंबी कतारें देखी जा रही हैं. लेकिन सरकार का कहना है कि आम जनता के बहुत बड़े तबके ने नोटबंदी के फैसले का स्वागत किया है.

Share With:
Rate This Article
No Comments

Leave A Comment