शादी के नाम पर तस्करी, स्कूल छोड़ने को मजबूर हो रहीं बेटियां

सिरमौरः शादी के नाम पर तस्करी, स्कूल छोड़ने को मजबूर हो रहीं बेटियां

सिरमौर

हिमाचल के शिलाई उपमंडल में वर्षों से शादी के नाम पर बेटियों की तस्करी की सबसे बड़ी वजह अशिक्षा और गरीबी मानी जा रही है. इसके चलते आठवीं कक्षा से पहले ही लड़कियां स्कूल छोड़ने को मजबूर हो रही हैं. वर्ष 2015-16 में उपमंडल में छठी से आठवीं के बीच स्कूल छोड़ने वाली लड़कियों का आंकड़ा लगभग 400 है.

यह खुलासा इंटेग्रेटिड चाइल्ड डेवलपमेंट सर्विस स्कीम (आईसीडीएस) की सर्वे रिपोर्ट में हुआ है. इलाके की 400 लड़कियों के स्कूल छोड़ने की पुष्टि खुद एसडीएम शिलाई विकास शुक्ला ने की है. उन्होंने बताया कि इन लड़कियों के अभिभावकों को नोटिस भेजकर बुलाया गया है. शिक्षा के अधिकार के तहत इन लड़कियों को फिर स्कूल में दाखिल करवाया जाएगा. स्कूल प्रिंसिपलों की जवाबदेही भी सुनिश्चित की जा रही है.

बता दें कि वर्षों से इस क्षेत्र में बेटियों को हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश में शादी के नाम पर बेचा जा रहा है. बिचौलिए लड़कियों की बाहरी प्रदेशों में शादी करवा देते हैं, जिसकी एवज में पैसों का लेनदेन भी होता है.

हालांकि, पुलिस रिकॉर्ड में पैसों के लेनदेन से जुड़ा महज एक ही मामला अभी तक सामने आया है. इसमें एक नाबालिग का 50 हजार रुपये में सौदा हुआ था. लड़की हरियाणा के व्यक्ति को बेची जा रही थी. जनवरी महीने में पुलिस ने इस मामले का खुलासा किया था.

Share With:
Rate This Article
No Comments

Leave A Comment