संसद में विपक्ष का हंगामा जारी: मनमोहन सिंह ने सरकार के फैसले को बताया 'ब्लंडर'

संसद में विपक्ष का हंगामा जारी: मनमोहन सिंह ने सरकार के फैसले को बताया ‘ब्लंडर’

दिल्ली

नोटबंदी पर संसद से लेकर सड़क तक सियासी जंग गुरुवार को भी जारी रही. सरकार ने संसद में जारी इस गतिरोध को दूर करने की कोशिश की. केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने सर्वदलीय बैठक बुलाई थी, इस दौरान उन्हें सभी दलों के नेताओं से मुलाकात करनी थी, लेकिन विपक्ष इस बैठक में नहीं पहुंचा. वहीं, राज्यसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी पहुंचे और उनकी मौजूदगी में ही सदन में बहस हुई.

वहीं, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि नोटबंदी से जीडीपी में 2 प्रतिशत की गिरावट आ सकती है. नोटबंदी के अमल में काफी अव्यवस्था दिख रही है. बदइंतजामी से लोग परेशानी हैं. पीएम को इस योजना को रचनात्मक तरीके से लाना चाहिए था. पीएम ने लोगों से 50 दिन मांगे हैं, जो लोगों पर भारी पड़ेंगे. आरबीआई और पीएमओ इसे लागू करने में पूरी तरह फेल रहे. आपने ऐसा किस देश में सुना है कि पैसा जमा कराने के बाद निकालने की इजाजत नहीं होती.

अरुण जेटली ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि आज सदन में नोटबंदी पर चर्चा हुई, इसमें हर दल के लोग बोले, उसके बाद सरकार को जवाब देना था. विपक्ष के पास शोर मचाने के बहुत विषय थे, लेकिन कहने लायक तर्क नहीं थे. इसीलिए वो अगले दिन का बहाना ढूंढ़ने लगे. आज की चर्चा से साफ था कि उनकी कोई तैयारी नहीं थी. जनता ने स्वागत किया और आक्रोश विपक्ष में है. पूर्व पीएम मनमोहन सिंह को निशाने पर लेते हुए जेटली ने कहा कि उस सरकार के मुखिया को भी अब हमारे फैसले ब्लंडर लगने लगे हैं, जिसने भ्रष्टाचार में डूबी सरकार चलाई.

राज्यसभा में गुलाम नबी आजाद ने कहा- पीएम यहां रहकर सबके भाषण सुनकर उत्तर देंगे तो सदन चलेगा, बताएं कि प्रधानमंत्री आएंगे या नहीं. क्या प्रधानमंत्री सिर्फ प्रश्नकाल के लिए आए हैं, ऐसे हाउस नहीं चलेगा.

राज्यसभा में बहस मायावती ने कहा, आपके नोटबंदी के फैसले को हमारी पार्टी समर्थन करती है लेकिन आपका तरीका सही नहीं है. कल सर्वे आ रहा था, वो गलत है. 90% लोग आज भी एटीएम और बैंको के बाहर लाइन में खड़े हैं.

इससे पहले, सभी विपक्षी पार्टियों ने एकजुटता दिखाते हुए नोटबंदी पर 28 नवंबर को देशभर में प्रदर्शन का ऐलान किया है. 500 और हजार के नोट बंद होने के बाद से ही पीएम मोदी विपक्ष के निशाने पर हैं.

विपक्ष जनता की आवाज बनने का दावा कर सरकार के खिलाफ संसद से सड़क तक विरोध कर रहा है. कांग्रेस ने मोदी सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया तो ममता बनर्जी ने जंतर मंतर पर धरना देकर पीएम पर देश की अर्थव्यवस्था से खिलवाड़ करने का आरोप लगाया. इसी बीच नरेंद्र मोदी ऐप पर नोटबंदी को लेकर किए गए सर्वे के नतीजे भी आए जिसमें 90 से ज्यादा फीसद लोगों ने पीएम के फैसले को सही बताया.

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