कूड़ा इधर-उधर फेंकने वालों की अब खैर नहीं, कटेगा बिजली और पानी का कनेक्शन

शिमला

कूड़ा इधर-उधर फेंकने वालों की अब खैर नहीं होगी. यदि आपने घर से बाहर कूड़ा फेंका या जलाया तो बिजली व पानी का कनेक्शन काट दिया जाएगा. ठोस कूड़ा कचरा प्रबंधन नियम 2016 में यह प्रावधान किया गया है जो सख्ती से लागू होंगे.

यदि स्थानीय शहरी निकायों ने नए नियमों का सही रूप में पालन न करवाया तो अधिकारियों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई होगी. हिमाचल प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड इस मामले पर किसी को बख्शने वाला नहीं है. नियमों का उल्लंघन करने पर लोगों को जुर्माना भरना पड़ेगा.

बृहस्पतिवार को शिमला में राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से आयोजित कार्यशाला में नए नियमों के संबंध में अधिकारियों को जानकारी दी गई. बोर्ड के सदस्य सचिव संजय सूद ने कहा कि यदि अब नियमों को सख्ती से लागू न किया गया तो सभी पर कार्रवाई होगी.

अब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी, शहरी निकायों के अधिकारी और आम लोग भी जुर्माने की जद में आएंगे. यदि हिमाचल को स्वच्छ भारत अभियान में सबसे ऊपर आना है तो ठोस कूड़े कचरे का सही निपटान जरूरी है. अब हर घर से कूड़ा उठाया जाना चाहिए. इससे वादिया हरी भरी रहेंगी और पानी भी साफ होगा.

राज्य में शहरी निकायों में 320 मीट्रिक टन कूड़ा हर दिन निकल रहा है जिसका सही निपटान सबकी जिम्मेदारी है. राज्य में 61 शहरी निकाय हैं जिनमें नए नियमों का सख्ती से पालन होना चाहिए। राजधानी शिमला में कुछ महीने पहले फैले पीलिया से सबक लेने की जरूरत है. सबको कूड़े को ठिकाने लगाने के लिए मिलकर कार्य करने की आवश्यकता है.

ठोस कूड़ा प्रबंधन को लेकर बने नियमों के प्रति स्थानीय निकायों को जागरूक करने के लिए आयोजित कार्यशाला में नगर निगमों के अधिकारियों के साथ कई नगर परिषदों और नगर निकायों के प्रतिनिधि शामिल हुए.

कार्यशाला में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष कुलदीप पठानिया, मुख्य सचिव वीसी फारका, अतिरिक्त मुख्य सचिव (शहरी विकास) मनीषा नंदा, शहरी विकास विभाग के निदेशक राज कृष्ण प्रुथी, ठोस कूड़ा प्रबंधन के विशेषज्ञ शरद पी काले, सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरनमेंट दिल्ली से स्वाति सम्याल सहित कई अधिकारी उपस्थित थे.

राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष कुलदीप पठानिया ने कहा कि अब गंदगी फैलाने पर नगर निकायों पर भी जुर्माना लगेगा. इसके अलावा कूड़ा फैलाने वालों पर भी जुर्माने का प्रावधान है. पर्यावरण को सुरक्षित बनाए रखना चुनौती है जिससे निपटने में बोर्ड जुटा है. ठोस कूड़े कचरे को ठिकाने लगाने के लिए नियमों में अहम बदलाव किए गए हैं. ठोस कूड़े कचरे के कारण नगरों में फैल रही गंदगी के खिलाफ लोगों को जागरूक करना अनिवार्य है.

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