SC ने दी पंजाब को नहर बनाने की राय, पंजाब कैबिनेट का जमीन लौटाने का फैसला

चंडीगढ़

पंजाब सरकार ने सतलुज-यमुना लिंक नहर (एसवाईएल) के लिए एक्वायर जमीन किसानों को लौटाने का आदेश जारी कर दिया है, मंगलवार को हुए कैबिनेट के फैसले के बारे में सीएम परकाश सिंह बादल के राष्ट्रीय मामलों के सलाहकार हरचरण बैंस ने कहा, किसानों के नाम जमीन करने और उसका इंतकाल चढ़ाने का काम बुधवार से शुरू होगा.
कैबिनेट मीटिंग में बादल ने सभी अफसरों से कहा कि जमीन के इंतकाल में ढील नहीं होनी चाहिए डिप्टी कमिश्नर अपने स्तर पर तहसीलदारों से जमीन किसानों के नाम करने को कह रहे हैं, जमीन मुफ्त वापस होगी.

सरकार का ये फैसला सुप्रीम कोर्ट की राय के बाद आया उसमें 5 जजों की संवैधानिक पीठ ने राष्ट्रपति को राय दी थी- ‘नहर का निर्माण होना चाहिए, क्योंकि, पंजाब सरकार का 2004 का वो फैसला गलत है, जिसमें जल समझौते रद्द कर दिए गए थे.

यानी नहर का निर्माण कर हरियाणा को पानी देना पड़ेगा।’ एसवाईएल के लिए 4824 किसानों से 5314 एकड़ जमीन एक्वायर हुई थी पंजाब के चीफ सेक्रेटरी सर्वेश कौशल ने दावा किया कि सरकार ने किसानों को जमीन डी-नोटिफाई करने संबंधी एक बिल मार्च में पारित किया था, नहर पाटने का काम भी शुरू हो गया था हरियाणा सरकार सुप्रीम कोर्ट गई तो स्टे लग गया, अब इस केस को संवैधानिक पीठ ने 2004 वाले पंजाब टर्मिनेशन ऑफ एग्रिमेंट एक्ट वाले केस से अटैच कर लिया है.

Share With:
Rate This Article