भाजपा विधायक आईडी धीमान नहीं रहे, दो बार बने थे शिक्षा मंत्री

हमीरपुर

बेहद गरीब परिवार में 17 नवंबर 1934 को जीआर धीमान और श्यामी देवी के घर जन्मे आईडी धीमान का बचपन बेहद गरीबी में गुजरा. वे ताउम्र अपनी धुन के पक्के रहे और गरीबी को आड़े नहीं आने दिया. उन्होंने सरकारी स्कॉलरशिप से स्कूली शिक्षा पूरी की. बतौर शिक्षक उन्होंने प्राथमिक पाठशाला भोरंज से कॅरिअर शुरू किया.

1960 में वे डीएवी हाई स्कूल टौणीदेवी में अध्यापाक रहे. यहां प्रेम कुमार धूमल उनके शिष्य रहे। उसके बाद उन्होंने बीएससी और बीएड की डिग्री धर्मशाला कॉलेज से ली और सरकारी अध्यापक नियुक्त हुए. 1996 में उन्होंने पीयू चंडीगढ़ से इतिहास में एमए की. वर्ष 1974 में एचपीयू से एमएड की. करीब 29 सालों तक शिक्षा के क्षेत्र में सेवाएं देने के बाद उन्होंने 1989 में स्वेच्छिक सेवानिवृत्ति ली. इसी साल उन्होंने भाजपा की सदस्यता ली और राजनीति में अपना कदम रखा.

हिमाचल के इतिहास में कोई भी शिक्षामंत्री कभी दूसरा चुनाव नहीं जीता लेकिन धीमान लगातार 6 बार विधायक चुने जाने के साथ 2 बार शिक्षा मंत्री भी रहे. विपक्ष में रहते हुए वे विधानसभा की लोक लेखा समिति के अध्यक्ष रहे. 2007 के संसदीय उपचुनाव में हमीरपुर सीट से पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल की जीत के पश्चात धीमान नेता प्रतिपक्ष चुने गए. करीब 27 सालों तक राजनीति के क्षेत्र में बुलंद झंडा गाड़ने वाले धीमान बेहद अनुशासित और सादगी पसंद व्यक्ति थे.

राजनीति जैसे पेश में इतना लंबा समय व्यतीत करने के बावजूद उनका चरित्र खुली किताब की तरह था. जिसके पन्नों पर कभी भ्रष्टाचार का नाम नहीं है. यही वजह थी कि विरोधी भी उनका लोहा मानते थे.

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