जनधन योजना में अचानक बढ़ी जमा राशि पर सरकार की पैनी नजर: अरुण जेटली

दिल्ली

500 और 1000 रुपये के पुराने नोट बंद होने के बाद प्रधानमंत्री जन धन योजना के बैंक खातों के माध्यम से काला धन खपाने वालों पर सरकार की पैनी नजर है. सरकार ने साफ कहा है कि इन खातों का दुरुपयोग कर काले धन को सफेद करने की कोशिश करेगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा.

जन धन योजना के तहत देशभर में 25.45 करोड़ बैंक खाते खुले हैं. इनमें से लगभग 23 प्रतिशत बैंक खातों में अब तक कोई लेन-देन नहीं हुआ है जबकि शेष खातों में 45,000 करोड़ रुपये से अधिक जमा राशि है. 8 नवंबर को 500 रुपये और 1000 रुपये के पुराने नोट बंद होने की घोषणा के बाद ऐसी खबरें आयीं है कि देश के अलग-अलग इलाकों में लोग इनका इस्तेमाल काले धन को खपाने के लिए कर रहे हैं.

कुछ इलाकों से खबरें आयीं हैं कि जन धन के खातों में 49,000 रुपये तक जमा हुए हैं. असल में बिना पैन नंबर वाले बैंक खातों में अधिकतम 50,000 रुपये ही जमा हो सकते हैं, इसलिए लोगों ने इतनी रकम जमा की है.

वित्त मंत्री अरुण जेटली से जब इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि जो भी व्यक्ति गैर कानूनी गतिविधियों में संलिप्त होगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा. वित्त मंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है जब सरकार बार-बार लोगों से यह आग्रह कर रही है कि वे किसी और की धनराशि को बदलने या अपने खाते में जमा करने के लिए बैंक में न जाएं.

ऐसा होने पर कोई भी व्यक्ति फंस सकता है. अगर किसी खाते में अचानक से अधिक राशि जमा होती है तो वह जांच में आ सकती है. हालांकि सरकार ने आश्वस्त किया है कि ढाई लाख रुपये से कम राशि बैंक खाते में जमा होने पर आयकर विभाग जानकारी नहीं मांगेगा. आयकर विभाग सिर्फ ढाई लाख रुपये से अधिक राशि जमा होने पर ही बैंक से सूचना लेगा.

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