पुराने नोटो की वजह से नहीं पूरी हो सकी अंतिम इच्छा, हॉस्पिटल ने नहीं लिए बंद हो चुके नोट

पुराने नोटों की वजह से नहीं पूरी हो सकी अंतिम इच्छा, हॉस्पिटल ने नहीं लिए बंद हो चुके नोट

जालंधर.

अपरा के जनरैल सिंह किडनी की बीमारी के चलते प्राइवेट हॉस्पिटल में भर्ती थे, देर रात उनकी मौत हो गई, उनकी ख्वाहिश थी कि मरने के बाद उनका शव दान कर दिया जाए इसलिए मौत के बाद परिवार ने उनकी इच्छा मुताबिक बॉडी डोनेट करने की प्रोसेस भी शुरू कर दी.

लेकिन, तमाम कोशिशों के बावजूद बॉडी वक्त पर डोनेट नहीं की जा सकी और वह खराब हो गई बॉडी डोनेट करने में अड़ंगा बना पुराने नोटों का बैन होना, दरअसल, जनरैल सिंह के इलाज का बिल 6500 रुपए हो चुका था, जिसे चुकाने दिए जा रहे पुराने नोटों को हॉस्पिटल मैनेजमेंट ने लेने से मना कर दिया, जब उन्हें जरनैल की अंतिम इच्छा के बारे में सबूत देकर बताया गया तो उन्होंने पुराने पैसे लेकर बॉडी परिवार वालों को सौंपी.
फैमिली मेंबर ने बताया कि जब तक वह बॉडी दान करते, तब तक वह खराब हो चुकी थी, उन्होंने कहा- नोटों के बंद होने के चलते वह अपने पिता की अंतिम इच्छा भी पूरी नहीं कर सके.

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