SC ने रचा इतिहास, पूर्व जज काटजू को जारी किया अवमानना नोटिस

SC ने रचा इतिहास, पूर्व जज काटजू को जारी किया अवमानना नोटिस

दिल्ली

सौम्या दुष्कर्म केस में फैसला देने वाले जजों के खिलाफ कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व न्यायमूर्ति मार्केण्डय काटजू को अवमानना नोटिस जारी किया है. यह पहला ऐसा मामला है जब सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज को अवमानना नोटिस जारी किया गया है.

इतना ही नहीं, एक वक्त तो ऐसा भी आया जब सुप्रीम कोर्ट ने सुरक्षाकर्मी से काटजू को अदालत कक्ष से बाहर ले जाने तक के लिए कह दिया. यायमूर्ति रंजन गोगई की अध्यक्षता वाली 3 सदस्यीय पीठ ने जस्टिस काटजू को अवमानना नोटिस जारी करते हुए कहा कि आपने अपने ब्लॉग में फैसले को लेकर नहीं, बल्कि फैसला देने वाले जजों के खिलाफ टिप्पणी की है.

अवमानना नोटिस जारी करने से विफरे जस्टिस काटजू ने पीठ की अध्यक्षता कर रहे जज से कहा, ”मिस्टर गोगई मुझे धमकी न दी जाए। आपको जो करना है कीजिए. मेरे साथ आप मजाक मत कीजिए.”

जस्टिस काटजू ने अपने ब्लॉग पर कहा था कि सौम्या रेप मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला गलत है. उन्होंने फैसला देने वाले जजों के खिलाफ टिप्पणी की थी. जस्टिस काटजू ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में पेश होकर यह बताने की कोशिश की कि आखिरकार फैसला गलत क्यों है.

लेकिन जस्टिस काटजू की दलीलों से पीठ सहमत नहीं हुई. इसके साथ ही पीठ ने केरल सरकार द्वारा दायर पुनर्विचार याचिका खारिज कर दी. जस्टिस काटजू और राज्य सरकार का कहना था कि आरोपी गोविंदास्वामी को रेप में ही नहीं, बल्कि हत्या का भी दोषी ठहराया जाना चाहिए.

पुनर्विचार याचिका को खारिज करने के फैसले के बाद न्यायमूर्ति रंजन गोगई ने अदालत कक्ष की पहली पंक्ति में बैठे लोगों को खड़े होने के लिए कहा. इसके बाद उन्होंने जस्टिस काटजू और अर्टार्नी जनरल मुकुल रोहतगी को ब्लॉग की दो प्रतियां थमाई और उस पर गौर करने के लिए कहा.

न्यायमूर्ति रंजन गोगई ने जस्टिस काटजू से कहा कि इस पर आपका क्या कहना है. काटजू ने कहा कि यह आजाद देश है और यह मुझे बोलने की आजादी है, जो भी मैं बोलना चाहता हूं.

वहीं, अटॉर्नी जनरल से इस पर राय मांगी गई तो उन्होंने कहा कि यह आपत्तिजनक है. जिसके बाद पीठ ने काटजू को अवमाना नोटिस जारी कर दिया. इस पर काटजू ने दखल देते हुए कहा कि पहले विनम्र होना सीखिए. सुप्रीम कोर्ट के जजों को इस तरह व्यवहार नहीं करना चाहिए. आप मुझे मत उकसाइए. इस पर न्यायमूर्ति गोगई ने कहा, ”आप हमें मत उकसाइए.”

इसके बाद पीठ ने कहा कि यहां कोई है जो जस्टिस काटजू को कोर्ट रूम से बाहर ले जाए. इस पर खचाखच भड़ी अदालत में कुछ वकीलों ने …रॉंग, रॉंग…की आवाज लगाई। काटजू ने यह भी कहा कि आपने मुझे यहां आमंत्रित किया लेकिन खेद के साथ मुझे कहना पड़ रहा है कि ऐसा हो रहा है.

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