गीतांजलि मर्डर केस : सीजेएम रवनीत गर्ग की जमानत याचिका खारिज

गीतांजलि मर्डर केस : सीजेएम रवनीत गर्ग की जमानत याचिका खारिज

पंचकूला

बहुचर्चित गीताजलि हत्या मामले में केंद्रीय जाच ब्यूरो (CBI) की विशेष अदालत ने सोमवार को सीजेएम रवनीत गर्ग की जमानत याचिका खारिज कर दी. अदालत ने कहा कि अभी जाच चल रही है और नियमित जमानत इस स्तर पर नहीं दी जा सकती है.

CBI ने गर्ग को 7 सितंबर को गिरफ्तार किया था और तब से वह जेल में है. CBI ने रवनीत गर्ग को जमानत देने का विरोध किया था. जाच एजेंसी ने दावा किया कि दो स्कोडा कार दहेज के रूप में रवनीत को दी गई थी, जोकि वह इस्तेमाल कर रहे है.

साथ ही CBI ने कहा कि शादी का खर्च भी गीतांजलि के परिवार ने उठाया था. वहीं, बचाव
पक्ष ने जमानत याचिका में कहा था कि सीजेएम ने कभी दहेज की माग नहीं की और गीताजलि को परेशान नहीं किया.

घटना वाले दिन सीजेएम कोर्ट में थे और वह पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश एवं सहयोगियों के साथ वीडियो काफ्रेंसिंग में थे. बचाव पक्ष ने सवाल उठाया है कि जब 17 जुलाई को हत्या हुई थी तो दिन बाद 20 जुलाई 2013 को दहेज हत्या का आरोप क्यों लगाया.

शिकायतकर्ताओं के बयान में कई विसंगतिया हैं और बाद में मामला जोड़ दिया गया था. बचाव पक्ष का कहना है कि गीताजलि अपने वैवाहिक जीवन से सुखी थी और अक्सर पहाड़ी क्षेत्रों पर घूमने के लिए जाते थे. परंतु CBI की विशेष अदालत ने जमानत याचिका खारिज कर दी.

CBI ने 7 सितंबर को रवनीत गर्ग को गिरफ्तार कर कोर्ट में दलील दी थी कि गीताजलि रहस्यमय परिस्थितियों में रिवॉल्वर से गोलिया लगने से मृत पाई गई थी. रवनीत गर्ग और उनके परिवार के खिलाफ दहेज उत्पीड़न का मामला दर्ज किया गया था.

इसके अलावा वहा उनके झूठ का पता लगाने के लिए करवाए गए ब्रेन मैपिंग परीक्षण में कई विसंगतिया थी. सीजेएम की रिवॉल्वर की गोलियों की, जिससे गीताजलि की मौत हुई, के बिल प्रस्तुत करने में भी रवनीत गर्ग विफल रहे थे.

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