पदोन्नति में आरक्षण के खिलाफ उतरे सामान्य एवं पिछड़े कर्मी

कुरुक्षेत्र
जाट धर्मशाला में रविवार को प्रदेशभर के सामान्य एवं पिछड़े वर्ग कर्मचारियों ने प्रदेश सरकार के पदोन्नति में आरक्षण लागू करने के खिलाफ रोष जताया कर्मचारियों ने रोष मार्च निकालकर सरकार के खिलाफ नोरबाजी भी की आरक्षण नीति को खत्म करने की मांग को लेकर कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री के नाम डीसी को ज्ञापन भी सौंपा.

सम्मेलन की अध्यक्षता अखिल भारतीय समानता मंच के महासचिव वीपी नोटियाल ने की, नोटियाल ने कहा कि पदोन्नति में आरक्षण लागू कर सरकार 80 प्रतिशत कर्मचारियों के साथ अन्याय कर रही है वर्तमान सरकार आरक्षण नीति को कर्मचारियों पर जबरन थोप रही है, वर्ष 2006 में सर्वोच्च न्यायालय ने पदोन्नति में आरक्षण को निरस्त करते हुए इसे असंवैधानिक करार दिया था.

वर्ष 2012 को राज्यसभा ने 117वें संविधान संशोधन विधेयक पारित करके लोकसभा में पास करवाने के लिए भेज दिया, लेकिन संसद में उग्र विरोध होने के कारण यह संविधान संशोधन अभी तक लंबित पड़ा है, सर्वोच्च न्यायालय के फैसले को निष्प्रभावी करने के लिए 117वां संविधान संशोधन विधेयक लाया गया था, ताकि एम नागराज मामले में सर्वोच्च न्यायालय की संविधान पीठ द्वारा तय की गई शर्तों को खत्म किया जा सके.

नोटियाल ने आरोप लगाया कि पिछली सरकार एवं वर्तमान सरकार ने असंवैधानिक तरीके से 80 प्रतिशत कर्मचारियों पर पदोन्नति में आरक्षण को थोप दिया सर्वोच्च न्यायालय ने आरक्षण नीति को रद्द कर दिया था, पदोन्नति में आरक्षण देने के लिए पी राघवेंद्र राव की अध्यक्षता में गठित की गई कमेटी की रिपोर्ट को भी सरकार ने लागू किया.

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