जनता को लगा झटका, दाल, सब्जी के बाद आटा भी हुआ महंगा

शिमला

दाल और सब्जी के बाद अब आटा भी महंगा हो गया है. बढ़ती महंगाई ने आम आदमी की कमर तोड़कर रख दी है. वहीं गृहिणियों का मासिक बजट बुरी तरह से गड़बड़ा गया है. दाल और सब्जी के लिए हाय तौबा मचाने वाली जनता को आटा महंगा होने के बाद एक और झटका लगा है.

शिमला में आटे के दाम प्रति किलो पांच रुपये बढ़ गए हैं. थोक भाव पर जहां पहले आटे की 40 किलो की बोरी 936 रुपये में मिल रही थी, अब वह बोरी बढ़कर 1100 हो गई है. आटे की बोरी पर 164 रुपये की भारी बढ़ोतरी की मार गरीब और मध्य वर्ग पर पड़ रही है.

आय के साधन सीमित हैं और महंगाई दिन प्रतिदिन बढ़ रही है. पहले सब्जियों के दामों में भारी उछाल आया है. इसके बाद दालों के दामों में भी बढ़ोतरी हुई. पहले दाल चना जहां 125 रुपये प्रति किलो बिक रही थी वह बढ़कर 150 पहुंच गई है.

इसी तरह अरहर की दाल 130 रुपये प्रति किलों बिक रही है. इसके अलावा काबुली चना (150), मूंगी और राजमाह (90) के दामों में भी भारी बढ़ोतरी हुई है. इन सब चीजों के दामों में बढ़ोतरी होने का कारण आवक का कम पहुंचना बताया जा रहा है.

गेहूं की फसल की कमी के चलते काफी कम संख्या में गेहूं मंडियों में पहुंच रहा है. इसके चलते 5 रुपये तक आटा महंगा हो गया है. लोगों को आने वाले दिनों में महंगी दरों पर आटे की खरीदारी करनी होगी.

कमलेश गुप्ता, सचिव, अनाज मंडी गंज बाजार परचून में बिकने वाले शक्ति भोग का 5 किलो आटा 160 रुपये, 10 किलो के शक्तिभोग आटा की बोरी 320 रुपये और 10 किलो आशीर्वाद की बोरी 320 रूपये में बिक रहा है.

सरकारी डिपो में APL परिवार के सदस्य को साढ़े 8 रुपये प्रति किलो आटा दिया जा रहा है. जबकि BPL परिवार के लोगों को 2 रुपये गेहूं दिया जा रहा है.

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