NGT ने फटकारा, केजरीवाल बोले- केंद्र सरकार से मिलेगा पॉल्यूशन का सॉल्यूशन

NGT ने फटकारा, केजरीवाल बोले- केंद्र सरकार से मिलेगा पॉल्यूशन का सॉल्यूशन

दिल्ली

दिल्ली के नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल (NGT) कोर्ट ने दिल्ली समेत पंजाब, यूपी, हरियाणा सरकार को प्रदूषण पर फटकार लगाई है. कोर्ट ने दिल्ली सरकार से पूछा है कि अभी तक आर्टिफिशियल रेन (कृत्रिम बारिश) के लिए क्या किया गया है? इंडोर-आउटडोर प्रदूषण स्तर के आंकड़े क्या हैं? कंस्ट्रक्शन रोकने के लिए क्या किया गया है? कोर्ट ने पंजाब, हरियाणा और यूपी से पूछा है कि पराली जलाने को लेकर अभी तक कितने चालान किए गए हैं?

दिल्ली में प्रदूषण के लिए उठाए गए कदम के तहत सड़क किनारे और पेड़ों पर पानी का छिड़काव किया गया है. छिड़काव कर रहे कर्मचारियों ने बताया कि ऐसा करने से पेड़ों की पत्तियां धुल जाती हैं और प्रदूषण कम करने में मदद मिलती है. पूरे एनडीएमसी इलाके में ऐसा किया गया है.

केंद्रीय पर्यावरण मंत्री अनिल माधव दवे ने कहा कि हमें समझना होगा कि दिल्ली की 80 फीसदी समस्याएं स्थानीय वजहों से हैं जबकि 20 फीसदी ही पड़ोसी राज्यों की वजह (फसल जलाया जाना) से हैं. प्रदूषण से निपटने के लिए हमें दूरगामी रणनीति पर काम करना होगा. उन्होंने कहा कि कानून है, बस उन्हें सख्ती से लागू कराए जाने की जरूरत है.

दिल्ली के पर्यावरण मंत्री इमरान हुसैन ने कहा कि हवा की कोई बाउंड्री नहीं होती. उसपर कोई जोर नहीं होता है. उन्होंने कहा कि आज की बैठक में दिल्ली के आसपास 4 हजार भट्टों को बंद करने को कहा गया है.

पंजाब के पर्यावरण मंत्री तोता सिंह ने कहा कि मीटिंग में सच्चाई सामने आ गई. वो हमारे सवालों का जवाब नहीं दे पाए. बेवजह पंजाब को बदनाम कर रहे हैं.
वहीं, देश की राजधानी और आसपास के प्रदूषण ने अमेरिकी दूतावास की चिंताएं भी बढ़ा दी हैं.

दूतावास से जारी किए गए बयान में कहा गया है कि दिल्ली में वायु के खराब स्तर और बड़ी आबादी पर पड़ने वाले इसके प्रभावों ने हमें चिंतित कर दिया है. दूतावास ने कहा कि हमारी कम्युनिटी पर इसका कम प्रभाव पड़े, हम इसके लिए कदम उठा रहे हैं.

सीएम केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली में प्रदूषण काफी बढ़ा है. दिल्ली गैस चैंबर बन गई है, जिसके कई कारण हैं लेकिन बड़ा कारण पंजाब और हरियाणा में फसलों के तने को जलाया जाना है.

इसके लिए कुछ व्यवस्था करने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि मैंने केंद्र के पर्यावरण मंत्री को फोन किया है. वो बुलाते हैं तो मैं उनसे मिलने जाउंगा. केजरीवाल ने कहा कि ऑड-ईवन से सिर्फ गाड़ियों से निकलने वाला पॉल्यूशन कम हो सकता है, लेकिन सॉल्यूशन केंद्र सरकार के हस्तक्षेप के बाद हो सकता है.

गंगाराम अस्पताल के चेस्ट मेडिसीन के प्रमुख डॉक्टर नीरज जैन ने बताया कि जिन्हें पहले से दिक्कत है, उन्हें बाहर नहीं निकलना चाहिए. सुबह और शाम साथ ही अपनी दवाइयां पूरी लें और कोई भी दिक्कत हो तो डॉक्टर के पास जाएं. उन्होंने कहा कि जो नॉर्मल लोग हैं, जिन्हें कोई बीमारी नहीं है.

उन्हें ऐसे मौसम में स्मोक और डस्ट अवॉयड करना चाहिए. साथ ही स्टीम लेकर गरारे करने चाहिए. बाहर जाने से बचना चाहिए। घर के अंदर भी एयर प्युरीफायर की मदद लेनी चाहिए.
उन्होंने कहा कि बच्चे सुबह स्कूल जाते हैं इसलिए गला, सिर, छाती ढंककर रखें.

ठंडा न पिएं, न खाएं. डॉक्टर जैन ने कहा कि बुजर्ग सुबह बाहर न जाएं, धूप निकलने के बाद ही बाहर निकलें. उन्होंने मास्क पर कहा कि सभी मास्क काम नहीं करते, इसे भी डॉक्टर की सलाह से लें.

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