5 से 28 फीसदी के बीच होगी GST रेट, काउंसिल ने दी मंजूरी

GST काउंसिल ने 4 दरों को दी मंजूरी, न्यूनतम 5 और अधिकतम 28 फीसदी होगी दर

दिल्ली

GST काउंसिल ने 4 स्तरीय कर ढ़ाचे को GST के अंतर्गत मंजूरी दे दी है. इससे यह स्पष्ट है कि GST के अंतर्गत अब 4 स्तर पर टैक्सेशन होगा. जो 5%, 12%, 18% और 28% तय की गई है.

गौरतलब है कि इससे पहले हुई काउंसिल की बैठक में GST की दरों पर आम राय नहीं बन पाई थी. काउंसिल की बैठक के बाद वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि कुछ वस्तुएं टैक्स की सीमा से बाहर होंगी.

कर मुक्त वस्तुओं में 50 फीसदी उपभोक्ता महंगाई दर तय करने वाली बास्केट से जुड़ी होंगी. वित्त मंत्री ने यह भी साफ किया कि GST के अंतर्गत 2 स्टैण्डर्ड टैक्स रेट होंगी, जो 12% और 18% की दर से लगेंगी.

वित्त मंत्री ने कहा कि बड़ी जनसंख्या के द्वारा उपभोग की जाने वाली वस्तुओं पर 5 फीसदी की दर से ब्याज लगेगा. साथ ही 28 फीसदी की उच्चतम दर से सरकार को जो अतिरिक्त रेवेन्यु प्राप्त होगा उसका इस्तेमाल सरकार 5 फीसदी की दर वाली स्लैब में भरपाई के लिए करेगी.

GST पैनल ने तंबाकू उत्पाद और लक्जरी आइटम्स पर जीएसटी के साथ साथ सेस लगाने को भी मंजूरी दी है. GST के अंतर्गत पान मसाला, महंगी कार और तंबाखू से बने उत्पादों पर 28 फीसदी से ज्यादा टैक्स लगेगा.

GST से होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए सरकार को पहले साल में 50000 करोड़ रुपए का एक फंड बनाने की जरूरत होगी. वित्त मंत्री ने कहा कि सेस से होने वाली कमाई का इस्तेमाल सरकार इसी फंड में करेगी. साथ ही सेस की समीक्षा सालाना आधार पर की जाएगी.

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि मौजूदा टैक्स ढ़ाचे के अंतर्गत व्हाइट गुड्स (वाशिंग मशीन, टीवी आदि) पर 30 से 31 फीसदी की दर से टैक्स लगता है. लेकिन GST की नई दरों के बाद ये वस्तुएं कुछ शर्तों के साथ 28 फीसदी की टैक्स स्लैब में आ जाएंगी.

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