भविष्य के लिए मिस्त्री को हटाना जरूरी था : रतन टाटा

भविष्य के लिए मिस्त्री को हटाना जरूरी था : रतन टाटा

दिल्ली

टाटा समूह के अंतरिम चेयरमैन रतन टाटा ने मंगलवार को कहा कि समूह की सफलता के लिए साइरस मिस्त्री को हटाना बहुत जरूरी हो गया था.

समूह के कर्मचारियों को लिखे दूसरे संदेश में रतन टाटा ने कहा है कि टाटा संस के नेतृत्व में परिवर्तन का फैसला सुविचारित था और निदेशक मंडल के सदस्यों ने पूरी गंभीरता से यह फैसला किया था. यह कठिन फैसला सावधानीपूर्वक और सोच-विचार के साथ चर्चा के बाद लिया गया.

इससे पहले मंगलवार को ही मिस्त्री के कार्यालय से जारी एक बयान में कहा गया कि यह आक्षेप गलत और शरारत भरा है कि उन्होंने टाटा-डोकोमो मामले में जो कार्रवाई की वह अपनी मर्जी से की और रतन टाटा को उसकी जानकारी नहीं थी.

वहीं साइरस मिस्त्री ने वित्त मंत्री और कंपनी मामलों के मंत्री अरुण जेटली से मंगलवार को मुलाकात का समय मांगा, लेकिन सरकार ने फिलहाल इस रस्साकशी से खुद को दूर रखने का निर्णय किया है.

टाटा कंसल्टेंसी सर्विसिज (टीसीएस) के पूर्व प्रमुख एस. रामादोरई ने राष्ट्रीय कौशल विकास एजेंसी (एनएसडीए) और राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (एनएसडीसी) के चेयरमैन पद से इस्तीफा दे दिया है. सूत्रों के मुताबिक रतन टाटा के बेहद भरोसेमंद रहे रामादोरई टाटा समूह के नए चेयरमैन बन सकते हैं. सूत्रों ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया है.

एनएसडीसी निदेशक मंडल की बुधवार को होने वाली बैठक में स्थिति पर विचार किया जाएगा. उधर, निगम के उपाध्यक्ष और कौशल विकास-उद्यमिता मंत्रलय में सचिव रोहित नंदन नई नियुक्ति तक निगम के चेयरमैन का कामकाज देखेंगे. हालांकि 71वर्षीय रामादोरई ने स्वास्थ्य कारणों को इस्तीफे की वजह बताई है.

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