बंदी छोड़ दिवस पर निहंग जत्थेबंदियों ने अमृतसर में कीर्तन निकाला

बंदी छोड़ दिवस पर निहंग जत्थेबंदियों ने अमृतसर में कीर्तन निकाला

अमृतसर

छठी पातशाही गुरु हरगोबिंद साहिब जी के बंदी छोड़ दिवस पर निहंग जत्थेबंदियों ने अमृतसर में कीर्तन निकाला. ये नगर कीर्तन शहर के अलग-अलग रास्तों से होकर गुजरा. निहंग जत्थेबंदियां गुरु गोबिंद सिंह के सिखाए गए तलवारबाजी और घुड़सवारी के हुनर दिखा कर इस रिवायती सिख मार्शल आर्ट का प्रदर्शन करती हैं.

नगर कीर्तन में शामिल घुड़सवार निहंगों ने अपने जौहर दिखाकर लोगों का मन मोह लिया..इस दौरान गतके और तलवार के करतब भी दिखाए गए.

अपने गरुओं के गुरु पर्व के उपलक्ष्य में निहंग जत्थेबंदियां गुरु गोबिंद सिंह द्वारा सिखाए गए तलवारबाजी और घुडसवारी के हुनर दिखा कर इस रिवायती सिख मार्शल आर्ट का प्रदर्शन करती है और इसे आज तक जिंदा रखा हुआ है.

सिखों के छठे गुरु श्री गुरु हर गोबिंद साहिब जी ने ग्वालियर के किले से 52 राजाओं को छुड़ा कर अमृतसर लेकर आए थे, इस खुशी में सिख संगतों ने आपने-आपने घरों में देसी घी के दिए जलाए थे और उसके बाद आगले दिन आपनी बहादुरी के जोहर दिखाने के लिए यह आयोजन किया गया था.

इस इतिहासिक आयोजन में दूर-दूर से आये गतका कलाकारों ने इस में हिसा लिया और अपनी कला का एक अनोखा कारनामा पेश किया और साथ ही गुरु साहिब के इतिहास को याद किए और आपने करतब से सब का मन मोह लिया.

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