‘बॉलीवुड क्वीन कंगना ने हिमाचल की जनता को किया शर्मिंदा’

शिमला

हिमाचल टूरिज्म का ब्रांड एंबेसडर बनने के लिए बॉलीवुड क्वीन कंगना रणौत की एक झलक 2 करोड़ रुपये में पड़ रही थी. कंगना ने प्रतिदिन 45 लाख रुपये फीस की मांग की थी. शूटिंग के लिए पूरी यूनिट के आने-जाने के खर्च और रहने, खाने-पीने का खर्च भी हिमाचल सरकार को उठाने को कंगना ने कहा था.

कंगना रणौत को ब्रांड एंबेसडर बनाने के प्रस्ताव को ड्रॉप करने के बाद कंगना के परिजनों द्वारा हिमाचल सरकार पर लगाए गए आरोपों के बाद पर्यटन बोर्ड ने यह बड़ा खुलासा किया है. बोर्ड उपाध्यक्ष मेजर विजय सिंह मनकोटिया द्वारा इस मामले पर अफसरशाही पर उदासीन रवैया अपनाने के लगाए गए आरोपों पर सफाई देते हुए बोर्ड के सदस्य डॉ. एसपी कत्याल ने कहा कि बॉलीवुड क्वीन ने हिमाचल की जनता को शर्मिंदा किया है.

पहले कंगना बात करने को राजी नहीं हुई, राजी होने पर उन्होंने 6 माह तक अफसरों को इंतजार कराया. राज्य पर्यटन विकास बोर्ड के सदस्य डॉ. एसपी कत्याल ने बताया कि जब कंगना को ब्रांड एंबेसडर बनाने का प्रस्ताव दिया गया तो उन्होंने कोई रिस्पांस नहीं दिया.

बोर्ड उपाध्यक्ष मेजर विजय सिंह के प्रयासों के बाद कंगना इस प्रस्ताव पर बात करने को राजी हुई. 6 माह तक कंगना ने अफसरों को बात करने के लिए इंतजार करवाया. जब कंगना से बातचीत का सिलसिला शुरू हुआ तो बॉलीवुड क्वीन ने बहुत अधिक फीस की डिमांड की.

बातचीत के बाद कंगना ने एक दिन की शूटिंग के लिए 45 लाख रुपये की फीस मांगी. शूटिंग और यूनिट के सभी खर्च भी सरकार को उठाने को कहा. डॉ. कत्याल ने बताया कि यह सभी खर्च मिलाकर कंगना की एक झलक 2 करोड़ रुपये में पड़ रही थी.

उन्होंने कहा कि इतना पैसा खर्च करने के बाद यह भी तय नहीं हो पा रहा था कि हिमाचल में सैलानियों की संख्या कितनी अधिक बढ़ जाएगी. डॉ. कत्याल ने कहा कि हिमाचल में प्रति वर्ष 2 करोड़ के करीब सैलानी आ रहे हैं. मुख्यमंत्री प्रदेश के अनदेखे ग्रामीण क्षेत्रों को विकसित करने पर बल दे रहे हैं.

ऐसे में बोर्ड का पक्ष है कि अगर कहीं पैसा खर्च किया ही जाना है तो नए पर्यटन स्थलों को विकसित करने के लिए खर्च करना चाहिए. उन्होंने कहा कि इन सब बातों को ध्यान में रखने के बाद ही बोर्ड ने कंगना रणौत को ब्रांड एंबेसडर बनाने के प्रस्ताव को ड्रॉप करने का फैसला लिया है.

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