धर्म गुरुओं ने सीमा पर मनाई दीवाली, सैनिकों के साथ सीमा पर जलाए एकता के दीए

धर्म गुरुओं ने सीमा पर मनाई दीवाली, सैनिकों के साथ सीमा पर जलाए एकता के दीए

अमृतसर

अमृतसर में वाघा बॉर्डर पर धर्म गुरुओं ने जवानों के साथ दिवाली मनाई और एकता के दीए जलाए. विभिन्न धर्मों के गुरुओं ने एक स्वर में कहा कि हम सब और पूरा देश सैनिकों के साथ हैं.

इस मौके पर हिंदू, सिख, मुस्मिल और इसाई के साथ बोध धर्म के लोग भी मौजूद थे और BSF के जवानों के साथ मिठाइयां बांटी और धर्म गुरुओं ने भारतीय सेना का मनोबल बढ़ाने के लिए तिरंगा लेकर पैदल मार्च भी किया.

विभिन्न धर्मो के गुरुओं ने एक स्वर में कहा कि हम सब और पूरा देश सैनिकों के साथ है. सैनिक यह न सोचें कि उनका परिवार उनसे अलग है. हमारा पूरा देश एक परिवार है. इस मौके पर स्वामी चिदानंद सरस्वती महाराज ने कहा कि बार्डर तो सीमाओं को बांटता है मगर दिलों को बार्डर से न बांटें.

जंग केवल तबाही लाती है. उन्होंने सैनिकों को संबोधित करते हुए कहा कि जान सबको प्यारी होती है, मगर जान को जहान के लिए न्यौछावर करना जांबाज सैनिक ही जानते हैं. उन्होंने कहा कि सैनिक है तो देश है, देश की अस्मिता, अखंडता, अमन-चैन हमारे सैनिकों से ही है.

अहिंसा विश्व भारती के संस्थापक डॉ. लोकेश मुनि, अखिल भारतीय इमाम संगठन के अध्यक्ष इमाम उमेर अहमद इलियासी, बंगला साहिब गुरुद्वारा के चेयरमेन परमजीत सिंह चंडोक ने भारतीय सेना का मनोबल बढ़ाने के लिए तिरंगा लेकर पैदल मार्च भी किया.

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