हिलेरी क्लिंटन के ई-मेल की एफ़बीआई जांच फिर से शुरु

हिलेरी क्लिंटन के ई-मेल की एफ़बीआई जांच फिर से शुरु

वाशिंगटन

एफबीआई ने कहा है कि उसने हिलेरी क्लिंटन के विदेश मंत्री रहने के दौरान सीक्रेट ईमेल सर्वर के इस्तेमाल के मामले में फिर से जांच शुरू कर दी है जिसकी राष्ट्रपति चुनाव में हिलेरी के खिलाफ रिपब्लिकन उम्मीदवारी कर रहे डोनाल्ड ट्रंप ने सराहना की है. ट्रंप ने इस घटनाक्रम को एक ‘‘बड़ा दिन’’ और इस मामले को ‘‘वाटरगेट’’ कांड से भी बड़ा बताया है.

एफबीआई के डायरेक्टर जेम्स कोमी ने कांग्रेस के नेताओं को लेटर लिखकर कहा है, ‘‘एक दूसरे मामले में एफबीआई को कुछ ईमेल्स का पता चला है जो इस जांच से जुड़े हो सकते हैं. मैं आपको बताना चाहता हूं कि जांच दल ने मुझे बताया है कि एफबीआई को जांच के लिए उचित कदम उठाने चाहिए जो जांचकर्ताओं को इन ईमेल्स की स्टडी करने पर यह पता लगाने में मदद करेंगे कि क्या इनमें कोई गोपनीय जानकारी थी. मैं जांच दल की इस बात से पूरी तरह से सहमत हूं. उन्हें हमारी जांच में इन ईमेल की प्रासंगिकताओं का आंकलन भी करना है।’’

हिलेरी क्लिंटन राष्ट्रपति बराक ओबामा के पहले कार्यकाल (2009-2013) में विदेश मंत्री रहने के दौरान सीक्रेट ईमेल सर्वर का इस्तेमाल करने के लिए पहले ही खेद जता चुकी हैं. उनके इस कदम को राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता मानकर उनकी काफी आलोचना की गई है. एफबीआई का यह ऐलान आठ नवंबर को होने वाले राष्ट्रपति चुनाव से कुछ ही दिन पहले अनपेक्षित घटनाक्रम के तौर पर आया है.

इस मामले में एफबीआई ने अभी तक कोई टिप्पणी नहीं की है. सीनियर डेमोक्रेटिक नेता नैंसी पेलोसी ने भी पोडेस्टा के सुर में सुर मिलाते हुए एफबीआई से इस संबंध में विस्तृत जानकारी देने को कहा है. वहीं सीनेटर डियाने फीनस्टीन ने यह आरोप लगाया है कि चुनाव को प्रभावित करने के लिए जानबूझ कर ऐसा किया गया है. इसके अलावा डेमोक्रेटिक नेशनल कमेटी की अंतरिम अध्यक्ष डोन्ना ब्राजीले ने भी एफबीआई के इस कदम को ‘‘गैरजिम्मेदाराना’’ बताया है.

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