5 महीने बाद असल मां-बाप के पहुंचे बच्चे, अस्पताल की लापरवाही से बदल गए थे

5 महीने बाद असल मां-बाप के पहुंचे बच्चे, अस्पताल की लापरवाही से बदल गए थे

शिमला
हाईकोर्ट में कानूनी लड़ाई, डीएनए टेस्ट और पांच महीने इंतजार के बाद आखिरकार दो नवजातों को जन्म देने वाली मांओं की गोद मिल गई बता दें कि हॉस्पिटल में स्टाफ की लापरवाही की वजह से जन्म के बाद दोनों बच्चे आपस में बदल गए थे, ये मामला शिमला हाईकोर्ट पहुंचा और फिर दोनों परिवारों ने आपसी सहमति से एक-दूसरे को बच्चे सौंप दिए.

पांच महीने बाद अपने बच्चे पाकर दुखी हैं माएं, 26 मई से इस दिन के इंतजार में शीतल और अनिल ठाकुर को लंबी लड़ाई लड़नी पड़ी मामला हाईकोर्ट पहुंचा, दोनों बच्चों और मां-बाप का डीएनए हुआ ,रिपोर्ट में सच्चाई पता चलने पर शिमला हाईकोर्ट के जज ने दोनों परिवारों को आपसी सहमति से मामला सुलझाने को कहा.

इसपर दोनों ने 26 अक्टूबर का दिन चुना दोपहर दो बजे शीतल व अनिल बच्ची अमानत को लेकर जितेंद्र व अंजना के घर पहुंच गए, वहां दोनों माता-पिता ने बच्चों को अन्न संस्कार करवाया और नम आंखों से उन्हें एक-दूसरे की गोद में सौंप दिया. ये ऐसा मौका था जब दोनों मां अपने बच्चों को पाकर भी दुखी थीं और दूसरे के बच्चे को देकर भी, उनका कहना था पांच महीने तक दूध पिलाकर पाला है.

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