मुरथल यूनिवर्सिटी में सोलर स्ट्रीट लाइट घोटाला, रिपेयर करवाने की बजाय खरीद ली नई लाइटें

मुरथल यूनिवर्सिटी में सोलर स्ट्रीट लाइट घोटाला, रिपेयर करवाने की बजाय खरीद ली नई लाइटें

सोनीपत

दीनबंधु छोटूराम यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टैक्नोलॉजी मुरथल के वी.सी. को भले ही हटा दिया गया हो लेकिन घोटालों की वजह से यूनिवर्सिटी का चर्चा में बना रहना जारी है. इस बार सोलर लाइटों के मामले में घपले का आरोप लगाया है.

जिन सोलर लाइटों की मुरम्मत की जानी थी, उनके स्थान पर नई खरीद ली गई. वहीं, पुरानी लाइटें कहां गईं, इसका भी कुछ अता-पता नहीं. जब मामला प्रकाश में आया तो संबंधित फाइल से मामले के जरूरी दस्तावेज ही गायब हो गए.

जानकारी के अनुसार जनवरी 2016 में मुरथल यूनिवर्सिटी में सोलर स्ट्रीट लाइट ठीक करने के लिए आदेश किए गए थे. इसमें तय हुआ था कि पुरानी स्ट्रीट लाइटों को रिपेयर करवाया जाएगा.

इसके साथ जो बैटरी पूरी तरह खत्म हो गई हैं, वह रिप्लेस होंगी. इसके लिए कुलपति ने एक कमेटी का गठन किया गया था. इसमें डा. अनिल बेरवाल, निशा कुमारी, सुदेश चौधरी व विजय कुमार ए.ओ. को शामिल किया गया था.

आरोप है कि इस कमेटी के सदस्यों ने तत्कालीन कुलपति प्रो.राजपाल दहिया के प्रभाव में आकर पुरानी लाइटें रिपेयर करने की बजाय नए लाइटें खरीद लीं. जिन पर करीब 18.93 लाख रुपए की लागत आई.

इस खरीद को लेकर यूनिवर्सिटी में विवाद रहा है. पहले तो लाइटें खरीदते समय ही यूनिवर्सिटी के एक्स.ई.एन. ने खरीद करने से मनाही कर दी और खुद को कमेटी में शामिल न करने की बात कही. यही वजह रही कि तकनीकी स्तर का कोई व्यक्ति इस कमेटी में शामिल ही नहीं था.

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