पद से हटाए जाने के बाद अदालत पहुंचे साइरस मिस्त्री, टाटा समूह ने भी खटखटाया कोर्ट का दरवाजा

पद से हटाए जाने के बाद अदालत पहुंचे साइरस मिस्त्री, टाटा समूह ने भी खटखटाया कोर्ट का दरवाजा

मुंबई

टाटा समूह के चेयरमैन पद से हटाए जाने के बाद साइरस मिस्त्री मंगलवार को कोर्ट पहुंच गए. मिस्त्री ने राष्ट्रीय कंपनी कानून न्यायाधिकरण में रतन टाटा, टाटा समूह और टाटा ट्रस्ट के खिलाफ चार कैविएट दाखिल किए.

जबकि, टाटा समूह ने उच्चतम न्यायालय, बंबई उच्च न्यायालय और राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण में कैविएट दाखिल की ताकि साइरस मिस्त्री अपनी बर्खास्तगी के खिलाफ कोई अदालती आदेश उनके (टाटा के) पक्ष की सुनवाई के बिना हासिल न कर सकें.

मिस्त्री की ओर से चार में से तीन कैविएट याचिकाएं रतन टाटा, टाटा संस, सर दोराबजी ट्रस्ट के खिलाफ दाखिल की गयी हैं.

गौरतलब है कि टाटा सन्स ने सोमवार को एक अप्रत्याशित फैसले में साइरस मिस्त्री को टाटा समूह के चेयरमैन पद से हटा दिया. मिस्त्री ने रतन टाटा से कंपनी की बागडोर संभाली थी. रतन टाटा के उत्तराधिकारी के चयन के लिए बनी समिति में वह भी शामिल थे. रतन टाटा के 75 वर्ष की आयु पूरे करने पर 29 दिसंबर 2012 में उनकी सेवानिवृत्ति के बाद अब 48 वर्ष के हो चुके मिस्त्री को उनके उत्तराधिकारी के तौर पर चुना गया था. वह इस पद पर नियुक्त होने वाले दूसरे ऐसे सदस्य थे जो टाटा परिवार से नहीं थे. उनसे पहले टाटा खानदान से बाहर के नौरोजी सक्लतवाला 1932 में कंपनी के प्रमुख रहे थे.

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